


बूंदी जिले के बाजड़ गांव 7 वर्षीय किसान पृथ्वीराज बेरवा ने बेमौसम हुई बरसात के कारण 3 बीघा फसल बर्बाद हो जाने के बाद कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली।
तालेड़ा के थानाधिकारी दिग्विजय सिंह बताया कि पृथ्वीराज बैरवा निवासी बाजड़ गांव ने अपने 3 बीघा खेत में गेहूं की फसल लगा रखी थी। पिछले दिनों हुई बारिश से फसल खराब हो गई। इसके कारण वह सदमे में आ गया। पृथ्वीराज शनिवार सुबह करीब 10 बजे अपने खेत पर गया था। वहीं उसने कीटनाशक पी लिया। पड़ोस के खेत वालों ने परिवार वालों को सूचना दी। उसे तालेड़ा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज के बाद कोटा रेफर कर दिया। कोटा में इलाज के दौरान रविवार तड़के करीब 3 बजे उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह पृथ्वीराज बैरवा के बेटे मनीष ने फसल खराब होने और कर्ज ज्यादा होने के कारण पिता के सुसाइड करने की रिपोर्ट दी है। पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव का पोस्टमॉर्टम करवाया और परिजनों को सौंप दिया है। रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
मनीष ने बताया कि दोनों भाई और बहन की शादी के लिए पिता ने करीब 8 लाख रुपए का कर्जा ले रखा था। कर्ज और फसल खराब होने के कारण वो सदमे में थे। मनीष ने बताया कि पिता पृथ्वीराज ही घर का खर्चा चला रहे थे। वह और उसका भाई रामनारायण कोटा में मजदूरी करते हैं। बहन की शादी के लिए पिता ने कर्जा लिया था, जो नहीं चुका पाए थे। इस बार खेत में खड़ी फसल से काफी उम्मीद थी, लेकिन बेमौसम बरसात से वह भी खराब हो गई।