


यूनिवर्सल लॉर्ड ऑफ साइंटिस्ट श्याम सुंदर राठी के राजस्थान को 3 वर्षों में पीने के पानी और 5 वर्षों में 100 प्रतिशत जल संग्रहण की सुविधा का प्रोजेक्ट प्लान का लोकार्पण गाँधी चौराहे पर महात्मा ग़ांधी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित के साथ माल्यार्पण कर मिठाई बांटकर कार्यक्रम के पहले चरण का शुभारंभ पिंकसिटी प्रेसक्लब (नारायण सिंह सर्किल) जयपुर से उनके सहयोगी वैज्ञानिक डॉ. रामदयाल मीना ने लोकार्पण किया।
धोरा की धरती की आन-वान-शान विश्व के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक श्याम सुंदर राठी पिछले 32 वर्षो से जल पर्यावरण पर शोध कर रहे हैं। राठी जी ने बाँधो पर लंबी शोध के उपरांत पाया कि बाँधो में रखा गया अधिकांश पानी बर्बाद हो जाता है। आप ने बाँधो की कार्यकुशलता (एफिशिएंसी टेस्ट) किया जिस का परिणाम 1 प्रतिशत से भी कम का अवलोकन किया गया। यानी हम बाँधो के जरिए जितना पानी स्टोर करते है। उसका 99 प्रतिशत भाग पानी बाँध रूपी राक्षस गटक जाता है। तब उन्होंने निर्णय लिया कि किस तरह से बाँध राक्षसों के चुंगल से मानव जाति को मुक्त कर विश्व को जल समस्या मुक्त किया सकता है आप ने शोध को आगे बढ़ाया जिससे पानी भंडारण के लिए भीमकाय टंकियों (एमएसडी टैंक टेक्नोलॉजी का कॉन्सेप्ट मिला। आप ने राजस्थान की आवश्यकता के अनुसार प्रोजेक्ट बनाया। जिससे राजस्थान सदैव के लिए जल समस्या मुक्त हो जाए। उसी प्रोजेक्ट प्लान का लोकार्पण कर राजस्थान के गणमान्य नागरिकों एवं लोकतंत्र के चौथे स्तंम्भ के हवाले कर दिया। जिससे राजस्थान सरकार राज्य की जनता को जल समस्या से मुक्त कर सके।
लोकार्पण कार्यक्रम में पूर्व सेना अधिकारी मेवा सिंह बीकानेर,कोमल भूषण(कराटा रत्न प्राप्त), कृषि विषेषज्ञ रामप्रेम मीना कैमोखरी, पत्रकार सतीश नापित करणपुर (घूँसई), छात्रनेता डॉ.गोविंद मीना कसेड,पत्रकार अतरसिंह मीना,पीसी.,संतोष चोपड़ा, एडवोकेट बीनू,राधेश्याम मीना, बलवीर, गोपाल ,सोहेल, सौम्या सोनी,उमा भूषण, एसके. श्रीवास्तव, शाहरुख, परी, मोना,रेणु श्रीवास्तव, निर्मल गुरदह, विजयसिंह सैन दरगमा मण्डरायल आदि सक्रीय भूमिपुत्रों ने प्रपौजल का लोकार्पण किया।