


जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में रविवार को ब्राह्मण महापंचायत में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री सहित सैकड़ों साधु संत भी पहुंचे हैं। इसके अलावा भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल के नेता महापंचायत में पहुंचे हैं। महापंचायत के पहुंचने वालों में भाजपा सांसद घनश्याम तिवारी, सीपी जोशी और रामचरण बौहरा के साथ हीविधायक रामलाल शर्मा, अविनाश महर्षि, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी, पूर्व महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा,पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा सहित विभिन्न नेता पहुंचे हैं।
ब्राह्मणों को मिले राजनीतिक आरक्षण: घनश्याम तिवारी
भाजपा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण में वह सारे लाभ मिलने चाहिए जो दूसरे आरक्षण में मिलता है। हमारे जितने भी सनातन धर्म के मंदिर और धर्म स्थान हैं, उन मंदिरों को सरकारी नियंत्रण में करने का अधिकार नहीं हो। जो हमारे मंदिर सरकारों के कंट्रोल में है,वे मंदिर समाज को वापस लौटाए जाएं। जिस प्रकार वक्फ बोर्ड है उसी तर्ज पर हिंदू रिलिजियस एक्ट होना चाहिए। मंदिरों पर केवल हिंदुओं का अधिकार होना चाहिए।
खुद के समाज की बुराई नहीं करें: सीपी जोशी
चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने कहा कि कोई भी धर्म में अगर हमारी बहन-बेटी के साथ गलत बर्ताव करता है तो ब्राह्मण समाज को उठ खड़ा होना चाहिए। खुद के समाज के लोगों की आलोचना और उनकी टांग खींचना बंद करें। गरीब की बेटी की मदद करें।
ब्राह्मणों ने महापंचायत के जरिए दिया एकता का संदेश: रामचरण बौहरा
जयपुर शहर भाजपा सांसद रामचरण बोहरा ने कहा कि विप्र समाज को पहले कम करके आंका जाता था। आज की इस महापंचायत ने उनको जवाब दे दिया। आर्थिक दृष्टि से ब्राह्मण भले ही पिछड़ा हो सकता है, लेकिन सांस्कृतिक रूप से उसने एकता का काम किया है।
भीड़ अधिक होने से मंच के बाईं तरफ की रेलिंग टूट गई। भीड़ वीआईपी पांडाल में घुसने की कोशिश में थी। जयपुर में प्रदेशभर से ब्राह्मणों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। आयोजकों के अनुसार महापंचायत में चिंतन और मनन करके समाज के भविष्य की योजनाओं पर निर्णय लिया जाएगा।ब्राह्मण समाज महापंचायत के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास कर रहा है कि उनकी अनदेखी किसी भी कीमत पर सहन नहीं की जाएगी। राजस्थान की राजनीति में ब्राह्मणों का अहम भूमिका है इसके बावजूद भी यहां पर उन्हें जो नेतृत्व मिलना चाहिए वह नहीं मिल पा रहा है।
राजस्थान में ब्राह्मण समाज की 85 लाख से ज्यादा आबादी है। 50 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर सवर्ण वोट बैंक के चलते हार-जीत का फैसला होता है। राजस्थान में 200 विधायकों में से 18 विधायक ब्राह्मण समाज से आते हैं। ऐसे में राजनीतिक हाशिए से फिर से मुख्यधारा में आने के लिए ब्राह्मण समाज शक्ति प्रदर्शन कर रहा है।
विप्र सेना प्रमुख सुनील तिवारी ने बताया कि महापंचायत के दौरान मंच पर सिर्फ संत महात्माओं को ही जगह दी जाएगी। इस दौरान देशभर से 75 से ज्यादा संत महापंचायत में शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और अजय भट्ट महापंचायत में ऑनलाइन जुड़ेंगे। जबकि बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री मंच से महापंचायत में पहुंचे हैं। इस दौरान दो हेलिकॉप्टर से पूरे जयपुर शहर में पुष्प वर्षा की जाएगी, क्योंकि देश भर से ब्राह्मण समाज के लोग जयपुर की सड़कों के माध्यम से ही महापंचायत तक पहुंचेंगे।