


विधानसभा में बुधवार को एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट विधेयक को रखा गया। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल की ओर से बिल को सदन में रखा गया। प्रदेश के अधिवक्ताओं ने खुशी जाहिर की है। अब विधानसभा कार्य सलाहकार समिति द्वारा तय किया जाएगा कि इसे का पारित किया जाए। ऐसा माना जा रहा है कि 22 मार्च को यह विधेयक विधानसभा में पारित कराया जाएगा।
राजस्थान में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग को लेकर लंबे समय से अधिवक्ताओं की ओर से मांग की जा रहीं है। 20 फरवरी से अधिवक्ताओं की ओर से प्रदेशभर में सभी अदालतों में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया जा रहा है, जो अभी भी जारी है। पिछले दिनों एडवोकेट संघटन के प्रतिनिधियों ने सरकार के स्तर पर मंत्रियों की उपसमिति से वार्ता की थी। जिसमें सरकार की ओर से आश्वस्त किया गया था कि 15 मार्च को विधानसभा में विधेयक को रखा जाएगा।
लेकिन अधिवक्ताओं की ओर से अब भी कार्य बहिष्कार जारी है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक विधानसभा में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पास नहीं हो जाता है। तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। वहीं अदालतों में कार्य बहिष्कार की वजह से परिवादियों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है।