


अजमेर जिले के किशनगढ़ के गांधीनगर थाना इलाके में मंगलवार को पूर्व पार्षद ने अपने भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी। भतीजे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात का कारण जमीन विवाद बताया जा रहा है।
गांधीनगर थाना एसएचओ शंभू सिंह शेखावत ने बताया कि पूर्व पार्षद सुरेश यादव का बजरंग कॉलोनी निवासी उसके भतीजे अशोक यादव के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। अशोक ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ा था। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे गांधीनगर थाना इलाके में सरदार सिंह की ढाणी जाने वाले रोड पर अशोक अपनी मां शांति देवी के साथ खेत से घर लौट रहा था।
इस दौरान पूर्व पार्षद सुरेश यादव (चाचा) पुत्र छोटू लाल यादव ने कार से अशोक की बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। अशोक व उसकी मां शांति सड़क पर गिर गए। अशोक कुछ समझ पाता, इससे पहले ही सुरेश यादव ने पिस्तौल निकाल कर उस पर ताबड़तोड़ तीन राउंड गोलियां बरसा दीं।
सिर में गोली लगने से अशोक की वहीं मौत हो गई। घटना के बाद सुरेश यादव मकराना रोड की तरफ भाग निकला। लहूलुहान अशोक की मां ने रास्ते से गुजरते लोगों को आवाज लगाई। इस दौरान सूचना मिलते ही उसका छोटा बेटा राजेंद्र यादव मौके पर पहुंच गया। फायरिंग की सूचना मिलते ही गांधीनगर पुलिस थाना अधिकारी शंभू सिंह शेखावत फोर्स के साथ पहुंचे।
पुलिस और अपने साथियों की मदद से राजेंद्र ने अशोक को राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।इसके बाद मदनगंज थाने से एसएचओ नेमीचंद चौधरी भी फोर्स के साथ राजकीय अस्पताल पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इसे देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बंदोबस्त किया। बाद में अशोक (मृतक) के भाई राजेंद्र यादव की रिपोर्ट पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार कर मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। शव परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायी अशोक यादव की हत्या के बाद इलाके में तनाव है।5 साल पहले दोनों के बीच बंटवारा हो गया था, लेकिन उस बंटवारे को लेकर संतुष्ट नहीं था। जानकारी के अनुसार अशोक के तीन बच्चे हैं। जिनमें दो बेटी परी, पलक और बेटा लोकेश है।