

चित्तौड़गढ़ जिले के हमीरगढ़ से पहले सोनियाणा पुलिया के पास 25 फरवरी को हत्या कर फेंकी गई लाश के मामले का थाना सदर पुलिस ने साइबर सेल के सहयोग से खुलासा कर दिया है। मामले में आरोपी भावेश आहूजा उर्फ गुड्डू निवासी इंदौर हाल सिंधी कॉलोनी प्रताप नगर, प्रकाश उर्फ बीनू उर्फ पपला गुर्जर निवासी मीठा राम जी का खेड़ा, प्रभु सिंह चौहान निवासी मंदसौर हाल लाल जी का खेड़ा, पुष्पेंद्र सिंह उर्फ भूपसा निवासी रीठौला, साहिल बैरागी निवासी सैंथी थाना सदर तथा मनीष उर्फ मोंटी निवासी थाना गंगरार को गिरफ्तार कर एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया है।
एसपी राजन दुष्यंत ने बताया कि 25 फरवरी को सोनियाणा पुलिया के पास एक अज्ञात व्यक्ति की लाश मिली थी। घटनास्थल पर एफएसएल, एमओबी व साइबर टीम को बुला गहनता से निरीक्षण किया गया। पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए सोशल मीडिया पर व्यापक प्रचार किया। देहली गेट थाना कोतवाली निवासी बाबूलाल सालवी ने वायरल फोटो देख मृतक की शिनाख्त अपने बेटे विनोद सालवी के रूप में की। मृतक विनोद का पोस्टमार्टम करवा शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौपा गया।
हत्या के खुलासे के लिए एसपी राजेश दुष्यंत द्वारा एसपी अर्जुन सिंह व सीओ भवानी सिंह के सुपरविजन एवं एसएचओ थाना गंगरार शिवलाल के नेतृत्व में थाना स्तर एवं साइबर सेल से विशेष टीम गठित की गई। गठित टीम ने सभी सीसीटीवी फुटेज चेक कर संदिग्धों से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि विनोद सालवी ऑनलाइन लोन दिलाने का काम करता है। घटना के दिन उसे अंतिम बार उसके दोस्त भावेश आहूजा के साथ देखा गया था। भावेश की तलाश की गई तो वह अपने घर से फरार मिला।
तकनीकी सहायता से घटना में भावेश सहित 9 जनों द्वारा घटना करना सामने आया। सभी आरोपी अपने घर से फरार थे और उनका फोन भी बंद आ रहा था। आरोपियों को ट्रेस करते हुए पुलिस ने भावेश आहूजा को मध्य प्रदेश के दमोह, प्रकाश उर्फ बीनू गुर्जर को मोरबी गुजरात, प्रभु सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, साहिल बैरागी एवं बाल अपचारी को मध्य प्रदेश के उज्जैन तथा मनीष उर्फ मोंटी को गंगरार से डिटेन किया।
बदमाश से दोस्ती करना पड़ा महंगा
पूछताछ में सामने आया कि विनोद सालवी ने ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर भावेश से 4 हजार रुपये लिए थे। विनोद ने ना लोन कराया और पैसे भी वापस नहीं लौटा रहा था। थाना सदर क्षेत्र में प्रकाश कीर की हत्या के प्रयास के मामले में प्रभु सिंह, पुष्पेंद्र, साहिल बैरागी, बाल अपचारी व अन्य सभी भीलवाड़ा में किराए के मकान पर फरारी काट रहे थे। 23 फरवरी को भावेश उनके मकान पर गया। उन्हें अपने साथ ठगी की बात बता विनोद सालवी के बैंक खाते में 10 लाख रुपये होना बताया।
10 लाख हड़पने की चाह में बिछाया जाल
विनोद सालवी ने कुछ समय पहले आईसीआईसीआई बैंक के कर्मचारी अक्षिता भट्ट के साथ मिलकर 28 लाख रुपए की ठगी की थी। इसमें विनोद सालवी, अक्षिता भट्ट व उसके साथी जेल जा कर आए थे। विनोद के खाते में 10 लाख रुपए होने की जानकारी मिलने पर उसे ठिकाने लगा रकम हड़पने की नीयत से आरोपी योजनाबद्ध तरीके से गंगरार स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पीछे सुनसान जगह पर आ गए। वहीं भावेश आहूजा व बाल अपचारी विनोद सालवी को लेने के लिए चित्तौड़गढ़ चले गये।
शराब पार्टी के बहाने जंगल में ले जाकर की हत्या
दोनों शराब पार्टी के बहाने 24 फरवरी की शाम विनोद सालवी को मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पीछे जंगल में ले गए। जहां पहले शराब पार्टी की गई। उसके बाद आरोपियों ने 10 लाख के बारे में पूछा तो विनोद ने बताने से इनकार कर दिया। भावेश ने लोन नहीं कराने का कारण पूछ अपने 4000 मांगे तो उनमें झगड़ा हो गया। सभी ने अपनी पहनी हुई बेल्ट और शराब की बोतलों से मारपीट कर विनोद की हत्या कर दी। पहने कपड़े उतार कर भावेश ने अपने साथ बैग में लाए टी-शर्ट व हाफ पेंट विनोद की लाश को पहना दिया। बाद में भावेश आहूजा और विनोद सालवी ने बुलेट बाइक पर लाश ले जाकर सोनियाणा पुलिया के पास सुनसान जगह पर फेंक दी।
सिम तोड़ घटना की रात ही फरार हो गए
पुलिस को गुमराह करने के लिए सभी आरोपियों ने घटना से पहले ही अपने मोबाइल बंद कर दिए तथा घटना के बाद मोबाइल सिमो को तोड़ कर फेंक दिया। घटना के दिन रात को भीलवाड़ा स्थित किराए के मकान में कपड़े बदलकर अलग-अलग जगह पर फरार हो गये।
आदतन अपराधी है सभी आरोपी
भावेश आहूजा के विरुद्ध हत्या का प्रयास, मारपीट, लूट, अवैध हथियार रखने, छेड़छाड़ के कुल 8 प्रकरण, थाना सदर चित्तौड़गढ़ के हिस्ट्रीशीटर प्रभु सिंह के विरुद्ध हत्या, हत्या का प्रयास, एससी एसटी एक्ट, मारपीट, बलवा, लूट, डकैती, अवैध हथियार रखने के 13 प्रकरण, प्रकाश उर्फ बिन्नू गुर्जर के विरुद्ध 3 प्रकरण, पुष्पेंद्र सिंह के विरुद्ध हत्या का प्रयास, डकैती, अवैध हथियार रखने, एससी एसटी एक्ट, मारपीट व चोरी के 5 प्रकरण, साहिल बैरागी के विरुद्ध हत्या का प्रयास, लूट, एनडीपीएस एक्ट, मारपीट के 7 प्रकरण, मनीष उर्फ मोंटी सालवी के विरुद्ध अपहरण, फिरौती, मारपीट, आर्म्स एक्ट व चोरी के 4 प्रकरण तथा बाल अपचारी के विरुद्ध हत्या का प्रयास, लूट के 5 प्रकरण दर्ज है।