Saturday, 29 August 2026

सुसाइड नोट लिखकर खाया जहर, महिला की मौत, पुलिस ने मामला दर्ज कर की जांच शुरू


सुसाइड नोट लिखकर खाया जहर, महिला की मौत, पुलिस ने मामला दर्ज कर की जांच शुरू

करधनी की रहने वाली बबीता खोरा ने 5 मार्च को जहर खा लिया  और इलाज के दौरान उसकी सवाई मानसिंह अस्पताल में 7 मार्च को दोपहर करीब 3 बजे इलाज के दौरान बबीता की मौत हो गई।  करधनी थाना पुलिस ने सवाई मानसिंह अस्पताल की मॉर्च्युरी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। 

इससे पहले उसने सुसाइड नोट लिखकर जहर खा लिया और तबीयत खराब होने पर  कांवटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। तबीयत अधिक खराब होने पर कांवटिया अस्पताल ने सवाई मानसिंह अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। करधनी थाने को मृतका के बेड के नीचे मिले सुसाइड नोट में लिखा। मुझे माफ कर देना। 

पुलिस ने बताया कि मृतका बबीता खोरा बिसल करधनी की रहने वाली थी। वह अपने पति नेमीचन्दऔर बेटे रिशु और गुनू के साथ यहां रहती थी। 5 मार्च को दोपहर करीब 1 बजे बबीता ने घर पर जहर खा लिया। मां की तबीयत खराब होते देखकर बेटे ने पिता को कॉल कर बताया। घर पहुंने पर नेमीचन्द को बबीता बेहोशी की हालत में मिली। जिसे तुरंत कावंटिया अस्पताल में भर्ती करवाया।

बबीता का हालत गंभीर देखकर उसे सवाई मानसिंह अस्पताल रेफर कर दिया गया।  सवाई मानसिंह अस्पताल में 7 मार्च को दोपहर करीब 3 बजे इलाज के दौरान बबीता की मौत हो गई। मृतका के पति ने बताया कि इलाज के दौरान बबीता ने थोड़ी देर होश में आने पर बताया था कि रामदेव बुनकर और उनके बेटों तथा बाबूलाल को मत छोड़ना। उन्होंने मेरी जिंदगी खराब कर दी है। इतना कहकर बबीता फिर बेहोश हो गई थी।

बबीता की मौत के बाद घर पर बेड के गद्दे के नीचे डायरी रखी मिली। डायरी में बबीता का लिखा सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में लिखा था- मैं बबीता सुसाइड कर रही हूं। क्योंकि मुझे रामदेव गांधी और उसके दोनों बेटे तथा जवाई बाबूलाल बहुत परेशान कर चुके है। इन लोगों ने मेरी बेहोशी का फायदा उठा कर मेरी वीडियो बनाई। जिस दबाव में आकर मैंने इनसे एग्रीमेंट किया। जो कि इन्होंने पुलिस से धमकी दिलवा कर करवाया। रामदेव गांधी के पैसे के चक्कर ही नही था। ये तीनों बाप-बेटे खुद में दो चूड़ियां बिकवाए थे।

परसो, मुझे मुरलीपुरा इनके बेटे मिले थे। उन्होंने बोला या तो मैं चुपचाप मकान उनको दे दूं। नहीं तो वो मुझे बदनाम और मेरे बच्चो को मारवा देंगे। इसलिए किसी ने मेरी सुनवाई नहीं की। पापा-मम्मी मुझे माफ कर देना। अब मैं सहन नहीं कर सकती और मेरे रिशु और गुनू से कभी दूर मत होना। ठेकेदार का भी ध्यान रखना, ये अकेला पड़ जाएगा। बस रामदेव गांधी को मत छोड़ना, उनके कारण मुझे ये करना पड़ रहा है। सॉरी सबको, आपकी बेटी बबीता।




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