


फिल्म अभिनेता और निर्देशक सतीश कौशिक का बृहस्पतिवार तड़के निधन हो गया। अनुपम खेर ने लिखा कि 45 साल की दोस्ती पर ऐसे अचानक। Life will NEVER be the same without you SATISH ! ओम् शांति. सतीश कौशिक ने 66 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है। अनुपम खेर ने अपने दोस्त को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि सतीश, तुम्हारे बिना जिंदगी पहले जैसी नहीं रहेगी।
वे 66 वर्ष के थे। 13 अप्रैल 1956 में हरियाणा के महेन्द्रगढ़ में सतीश कौशिक का जन्म हुआ था। दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद सतीश कौशिक ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन लिया था। 1983 में आई 'जाने भी दो यारों' फिल्म से उनके एक्टिंग करियर की शुरुआत हुई थी। सतीश कौशिक ने 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। साल 1993 में 'रूप की रानी, चोरों का राजा' से बतौर निर्देशक उन्होंने अपनी पारी शुरू की और इसके बाद एक दर्जन से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया।
सतीश कौशिक को अभिनय में पहचान मिस्टर इंडिया फिल्म से मिली। इस फिल्म में उन्होंने कैलेंडर का किरदार निभाया था। अनिल कपूर की ज्यादातर फिल्मों में फिल्म अभिनेता सतीश कौशिक नजर आए। उन्होंने हास्य के साथ-साथ गंभीर किरदारों को भी निभाया. सतीश कौशिक को 1990 में फिल्म 'राम लखन' और 1997 में फिल्म 'साजन चले ससुराल' के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता का फिल्मफेयर अवार्ड दिया गया था।
फिल्म अभिनेता सतीश कौशिक ने 7 मार्च को आखिरी ट्वीट किया था. होली पार्टी कर वह बेहद खुश थे और होली में शामिल लोगों को खास तौर पर टैग किया था। सतीश कौशिक की खास बात यह थी कि वह उदास और निराश नहीं होते थे। सतीश कौशिक अक्सर 'रूप की रानी, चोरों का राजा' के फ्लॉप होने का मजाक उड़ाते थे। बोनी और अनिल कपूर भी सतीश कौशिक पर 'रूप की रानी, चोरों का राजा' के फ्लॉप होने को लेकर किस्से सुनाया करते थे।
'रूप की रानी, चोरों का राजा' बहुत बड़े बजट की फिल्म थी। इस फिल्म के फ्लॉप होने से बोनी और अनिल कपूर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी, लेकिन इसके बाद भी उनके रिश्ते सतीश कौशिक से हमेशा अच्छे बने रहे।