प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया जाता है। सर्वप्रथम वर्ष 1909 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया था। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 1977 में इसे अधिकारिक मान्यता प्रदान की गई।विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने के उद्देश्य से इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उत्सव के तौर पर मनाया जाता है।
ऐतिहासिक पहलू:
28 फरवरी, 1909 को संयुक्त राज्य अमेरिका में पहला राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी ने इस दिन को न्यूयॉर्क में वर्ष 1908 की कपड़ा श्रमिकों की हड़ताल के सम्मान में नामित किया, जहाँ महिलाओं ने कामकाजी परिस्थितियों के खिलाफ विरोध किया था। हालाँकि अमेरिका में इसके बीज बहुत पहले बोये जा चुके थे जब वर्ष 1848 में महिलाओं को गुलामी विरोधी सम्मेलन में बोलने से रोक दिया गया।
थीम IWD 2023: इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम है #EmbraceEquity (एंब्रेस इक्विटी) अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उद्देश्य:
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मनाने के उद्देश्य समय के साथ और महिलाओं की समाज में स्थिति बदलने के साथ परिवर्तित होते आ रहे है। शुरुआत में जब 19 वीं शताब्दी में इसकी शुरुआत की गई थी, तब महिलाओं ने मतदान का अधिकार प्राप्त किया था, परंतु अब समय परिवर्तन के साथ इसके उद्देश्य कुछ इस प्रकार है:-
महिला दिवस मनाने का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य महिला और पुरुषो में समानता बनाए रखना है। आज भी दुनिया में कई हिस्से ऐसे है, जहां महिलाओं को समानता का अधिकार उपलब्ध नहीं है। नौकरी में जहां महिलाओं को पदोन्नति में बाधाओं का सामना करना पड़ता है, वहीं स्वरोजगार के क्षेत्र में महिलाए आज भी पिछड़ी हुई है।
कई देशों में अब भी महिलाएं शिक्षा और स्वास्थ्य की दृष्टि से पिछड़ी हुई है। इसके अलावा महिलाओं के प्रति हिंसा के मामले भी अब भी देखे जा सकते है। महिला दिवस मनाने के एक उद्देश्य लोगों को इस संबंध में जागरूक करना भी है।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में अब भी महिलाओं की संख्या पुरुषो से कई पीछे है और महिलाओं का आर्थिक स्तर भी पिछड़ा हुआ है। महिला दिवस मनाने का एक उद्देश्य महिलाओं को इस दिशा में जागरूक कर उन्हे भविष्य में प्रगति के लिए तैयार करना भी है।