


आपसी सदभाव, रंगों के पर्व होली धुलण्डी को टोंक में वर्षों से निकलने वाली सम्राट की सवारी सोमवार को बेंडबाजो,ऊंट गाड़ियों व घोड़ो के लवाजमे से धूमधाम से निकाली गई।सम्राट की सवारी का जगह-जगह फूलों की वर्षा व गुलाल से भव्य स्वागत किया गया।
मंगलवार को अजमेर वालों की कोठी से कार्यक्रम संयोजक ओमप्रकाश पांडे,पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता,नगर परिषद टोंक के पूर्व सभापति गणेश माहुर की अगुवाई में सेकड़ो युवक,बुजुर्ग गुलाल से होली खेलते हुए रवाना हुए।जिसमे दर्जनों ऊंट व ऊंट गाड़िया ,अश्व सहित बेंडबाजो का लवाजमा था।सम्राट की सवारी में शामिल सैकड़ो लोग गीतों पर नाचते कूदते चल रहे थे।
सम्राट की निकली ऐतिहासिक सवारी में जयश्री राम के जयघोष गूंज रहे थे वही भगवा ध्वज लहरा रहे थे।सम्राट की सवारी पुरानी टोंक,घण्टाघर,बड़ा कुँआ ,तख्ता,नोशे मियां का पुल होते हुए वापिस अजमेर वालो की कोठी पहुंची।सम्राट की सवारी का जगह जगह लोगो ने स्वागत किया जिससे सड़के गुलाल,फूलों से अटी पड़ गई।
आपसी भाईचारे व सद्भाव तथा रंगों का त्योहार होली को सुबह से ही लोग रंग गुलाल लेकर होली खेलने निकल पड़े।इतना ही नही चारों तरफ चंग व डीजे प युवा व महिलाएं होली के गीतों पर थिरकते हुए होली मनाती दिखी।