


सोना चोरी के मामले में नाम निकालने के लिए दंपती से तमिलनाडु पुलिस के 25 लाख रुपए रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी)अजमेर की टीम ने तमिलनाडु पुलिस के 12 जवानों को रविवार देर रात ट्रैप किया।
एसीबी ने तमिलनाडु पुलिस जवानों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है। तमिलनाडु पुलिस के जवानों ने पूछताछ में बताया कि वे 52 लाख के 105 तोला सोना चोरी के मामले में बरामदगी के लिए अजमेर आए थे। चोरी मामले में आरोपी दंपती सोनिया पत्नी पन्नालाल सोनी अजमेर जिले भिनाय थाना क्षेत्र भैरूखेड़ा गांव के रहने वाले है।
एसीबी डीआईजी समीर कुमार सिंह ने बताया कि '4 मार्च को शिकायत मिली कि तमिलनाडु पुलिस की एक टीम भिनाय थाना क्षेत्र से सोनिया पत्नी पन्नालाल सोनी को घर से उठा कर ले गई है। उसका और उसके पति का नाम चोरी के कथित मुकदमे से निकालने के लिए 25 लाख रुपए की मांग रखी गई है। वैरिफिकेशन के बाद मांगने के आरोपों की पुष्टि हुई, फिर ट्रैप की कार्रवाई की गई।'
रविवार को को देर रात एसीबी की दो टीम डीएसपी प्रभु दयाल और राकेश वर्मा के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन के पास पहुंची और तमिलनाडु पुलिस के 12 पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया। उनसे पूछताछ और आगे की जांच जारी है।
उन्होंने बताया किजांच करने पर पता चला कि तमिलनाडु में चार मुकदमे दर्ज हैं, जहां से भंवरलाल रुपए के 105 तोला सोना चोरी हुआ था। इस वारदात में भिनाय के भैरूखेड़ा के कुछ लोग शामिल थे। इनसे बरामदगी के लिए पुलिस टीम आई थी। इस संबंध में पुलिस टीम की ओर से रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराया गया। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी दिखाई हुई है। पूछताछ के दौरान रिकॉर्ड के मुताबिक फिलहाल सब कुछ सही पाया गया।
पुलिस टीम में शामिल पुलिसकर्मियों में से अधिकांश तमिल ही बोलते है, ऐसे में एसीबी को पूछताछ में परेशानी हुई, लेकिन इसमें से कुछ को हिंदी आती थी। ऐसे में एसीबी ने उनसे बातचीत कर पूरा मामला जाना। उनकी ओर से उपलब्ध कराए रिकॉर्ड की जांच की।