


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि निजी अस्पताल वाले कमाई करने के 10 तरीके निकाल लेते हैं, लेकिन फिर भी राइट टू हेल्थ विधेयक का विरोध कर रहे हैं। हम राइट टू हेल्थ विधेयक ला रहे हैं, लेकिन इसका कुछ निजी क्षेत्र के डॉक्टर विरोध कर रहे हैं। इन्हें विरोध नहीं करना चाहिए। आप लोग भी इन्हें समझाइए।
सीएम गहलोत शनिवार को जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्लेटिनम जुबली समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि लोग समझ नहीं पा रहे हैं, यह बिजनेस नहीं है। संविधान में प्रावधान है कि शिक्षा और स्वास्थ्य कोई धंधा नहीं है। यह सेवा का काम है। इसीलिए इन्हें ट्रस्ट और सोसाइटी बनानी पड़ती है। क्योंकि धंधा नहीं कर सकते, मुनाफा नहीं कमा सकते। यह अलग बात है कि कमाने के 10 तरीके निकाल लेते हैं। इतना पैसा कमाते हैं, फिर भी वे इस बिल का विरोध कर रहे हैं। हमने उन्हें समझाने का प्रयास किया है। आज नहीं तो कल समझ जाएंगे।
सीएम गहलोत ने कहा कि हमारा उदेश्य प्रदेश की गरीब जनता को अच्छा और सस्ती दरों पर इलाज देना है। इलाज न मिलने के कारण किसी व्यक्ति की मौत हो ऐसा सरकार नहीं चाहती। इसलिए हम राइट टू हैल्थ बिल लाए है। इस बिल का सभी को समर्थन करना चाहिए और अपना कर्तव्य पूरा करना चाहिए।
सीएम गहलोत ने कोविड काल में डॉक्टरों के काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान मेडिकल फ्रेटरनिटी ने शानदार काम किया। मेरा खुद का क्या होगा, यह चिंता थी लोगों को, लेकिन डॉक्टरों ने पूरी ताकत लगा दी। जान की बाजी लगाकर डॉक्टरों ने काम किया। हमने कोविड में राजनीति नहीं की। सभी पॉलिटिकल पार्टियों, धर्मगुरुओं, एक्टिविस्ट को बुलाकर सबकी राय ली। ऐसा माहौल बना दिया, पहली वेव में जो चिंता थी। वह दूसरी वेव में नहीं रही।
कार्यक्रम में डाक विभाग की ओर से एसएमएस मेडिकल कॉलेज के 75 साल पूरे करने पर विशेष डाक टिकट जारी किया है। समारोह में सीएम ने इसका अनावरण किया गया। एक डॉक्यूमेंट्री में एसएमएस के 75 साल का सफर दिखाया गया। कार्यक्रम में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अल्युमिनाई डॉक्टर्स डॉ. शिव कुमार सरीन, डॉ. समीन शर्मा, डॉ. सुरेश शर्मा, डॉ. संजय सहित कई डॉक्टर्स को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा, स्वास्थ्य सचिव टी रविकांत, आरयूएचएस के कुलपति डॉ. सुधीर भंडारी, प्रिंसिपल डॉ. राजीव बगरहट्टा, आयोजन सचिव डॉ. अशोक गुप्ता और डॉ. एसएम शर्मा शामिल रहे।
समारोह में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजीव बगरहट्टा ने कहा कि आज से 75 साल दो कमरे और यादगार स्थित हॉस्टल से ये मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ था जो आज इस मुकाम पर आ चुका है। 75 साल में कई नए विभाग भी जुड़े गए है और हमारे अल्युमिनाई के सहयोग से इंफ्रास्ट्रक्चर पर 7.50 करोड़ का काम करा रहे। विदेशी संस्थानों से भी स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू हो रहे हैं।