


चिकित्सा विभाग की अनुदान मांगों पर शुक्रवार को विधानसभा में बहस के दौरान रतनगढ़ से ने राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस (आरयूएचएस) के वीसी डाॅ. सुधीर भंडारी पर कोविड के दौरान दूसरे मरीज की रिपोर्ट के आधार पर गलत इंजेक्शन लगाने के आरोप लगाए।
भाजपा विधायक महर्षि ने कहा कि डॉ. सुधीर भंडारी ने दूसरे की रिपोर्ट पर मुझे कई इंजेक्शन लगाए। इस पर उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और भाजपा विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना में 17 दिन आरयूएचएस में भर्ती रहा। एक रात डेढ़ बजे डॉ. सुधीर भंडारी 15-20 डॉक्टरों के साथ पहुंचे।
रिपोर्ट पर लाल गोला लगा रखा था। उन्होंने 2 इंजेक्शन लगा दिए और दवा देने के बाद 2 इंजेक्शन और लगा दिए। मैंने कहा कि यह क्या कर रहे हो ? बोले- आप बोलिए मत एमएलए साहब ! 15 फीट दूर खड़े हो गए और बोले टोसीलीजुमेब लगाओ। वह भी ठोक दिया। इसके बाद जब मैंने नर्सिंगकर्मी से शीट मंगवाई। उसके ऊपर अभिषेक नाम के एक व्यक्ति की रिपोर्ट थी। उसमें डिडाइमर 700 लिखा था। उस रिपोर्ट को देखकर डॉ.भंडारी ने मेरे साथ इतना अन्याय किया। मुझे इतने इंजेक्शन लगाए कि मेरा शरीर आज तक झेल रहा है। उसके बाद मैंने डॉ. भंडारी को फोन किया और कहा- आप कहां हो। तुरंत मिलो।
कांग्रेस विधायक चिल्लाने लग गए। भाजपा ने भी हमला बोल दिया। भारी हंगामे के बीच भाजपा विधायक महर्षि ने कहा कि मैं नाम लेकर बोल रहा हूं.. सच्चाई सुनने की हिम्मत रखो। महर्षि ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी कुछ टिप्पणी की उस टिप्पणी को सभापति ने विलोपित करवा दिया।
मामला ध्यान में नहीं: डाॅ. भंडारी
डॉ. सुधीर भंडारी ने कहा किप्रकरण मेरेे ध्यान में तो ऐसा आ नहीं रहा। आप जानते हैं कोविड का वह समय था, जब 1500 मरीजों की भीड़ थी और हम जान बचाने में जुटे थे। दूसरी बात कि इंजेक्शन तो नर्सिंग स्टाफ लगाते हैं। विधायक को किसी और का इंजेक्शन मेरी उपस्थिति में लगाने का मामला ध्यान में नहीं आ रहा। अमूमन ऐसा होता नहीं है लेकिन मानवीय भूल का ऐसा हुआ है तो हमें ध्यान में नहीं आ रहा।