Saturday, 29 August 2026

एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट: न्यायिक कार्य बहिष्कार जारी, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, कोर्ट ने बीसीआई और बीसीआर से मांगा जवाब, सुनवाई 2 मार्च को


एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट: न्यायिक कार्य बहिष्कार जारी, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, कोर्ट ने बीसीआई और बीसीआर से मांगा जवाब, सुनवाई 2 मार्च को

हाईकोर्ट में मंगलवार को एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान एजी एमएस सिंघवी ने एक्टिंग सीजे एमएम श्रीवास्तव व जस्टिस विजय विश्नोई की खंडपीठ को बताया कि मुझे व अन्य एएजी को अधिवक्ताओं ने पैरवी से रोका। इस पर कोर्ट ने कहा कि किसी को भी रोका नहीं जा सकता, कार्रवाई की जाएगी।

अधिवक्ताओं द्वारा एडवोकेट्‌स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग व जोधपुर में वकील जुगराज सिंह की हत्या के विरोध में प्रदेशव्यापी न्यायिक कार्य बहिष्कार किया जा रहा है, कोर्ट ने इस पर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया है और बीसीआई और बीसीआर से 2 मार्च तक जवाब मांगा है। वकीलों द्वारा 20 फरवरी से बहिष्कार किया जा रहा है।

अधिवक्ताओं ने जयपुर मेट्रो, जयपुर जिला, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, रेवेन्यू कोर्ट, सांगानेर कोर्ट, जेडीए कोर्ट व अन्य निचली कोर्ट में पैरवी नहीं की। इससे कोर्ट में न्यायिक कार्य ठप रहा और केसों में तारीखें हुईं। 

एजी एमएस सिंघवीने कहा कि मुझे व अन्य एएजी को वकील पैरवी करने से रोक रहे हैं। अधिवक्ता संघ जोधपुर ने मेरेे खिलाफ अपमानजनक पत्र जारी किया है। वहां पर तो वकील केस भी फाइल नहीं करने दे रहे और ओथ कमिश्नर व नोटेरी पब्लिक को भी काम से रोक रहे हैं। इसलिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

अदालत में दूसरे वकीलों ने कहा कि हमें किसी ने रोका।

एक्टिंग सीजे की खंडपीठ: एजी अपने साथ हुई घटना का लिखित में ब्यौरा दें... उन्हें व उनकी टीम को रोकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी कोर्ट में प्रवेश से रोका नहीं जा सकता। एएजी और बीसीआर सदस्य सीएल सैनी: बीसीआर 25 फरवरी को वकीलों को काम पर लौटने का प्रस्ताव पारित कर चुका है। बीसीआर के प्रस्ताव का पत्र पेश करें। बीसीआई प्रतिनिधि सुरेश श्रीमाली का तर्क : अदालत को वकीलों की समस्या को जानना चाहिए। वकीलों को न तो सामाजिक सुरक्षा है और ना ही शारीरिक सुरक्षा। ऐसे में अदालत द्वारा वकीलों की समस्या के समाधान के लिए तत्काल ही एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करवाया जाना चाहिए।

न्यायिक कार्य के बहिष्कार के चलते राज्य के विधि व विधिक कार्य विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी कर सभी विभागों को निर्देश दिया है कि उनके विभागों से जुड़े केसों के प्रभारी अधिकारी राज्य सरकार व विभाग की ओर से कोर्ट में पैरवी करें।दी बार एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष कमल किशोर शर्मा ने बताया कि एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग को लेकर वकील 10 मार्च को विधानसभा पर धरना देंगे।




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