


विधानसभा में मंगलवार को शून्यकाल के दौरान भाजपा उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव के जरिए वकीलों की सुरक्षा का मामला उठाया।
उन्होंने कहा कि 10 दिन पहले मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र जोधपुर में वकील जुगराज चौहान की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के विरोध में प्रदेश भर की 800 अदालतों में वकील हड़ताल पर हैं। इससे हजारों पक्षकार परेशान हो रहे हैं, जमानतें अटक गई हैं। इससे कई लोग जेलों में पड़े हैं।
भाजपा विधायक राठौड़ ने कहा कि जुगराज चौहान जैसे मामले कई बार हुए हैं। चार साल में दर्जनों बार ऐसे मामले हुए हैं, जब एक पक्षकार की पैरवी करने पर दूसरे पक्षकार ने वकील पर हमला किया। सरकार ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लाने का वादा किया था।
उन्होंने कहा कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लाना पुरानी मांग है। जनघोषणा पत्र में वादा करने के अलावा बजट में भी इसकी घोषणा की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में तत्काल एक्शन लेना चाहिए। राजस्थान में तत्काल प्रभाव से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लाया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि वकीलों की सुरक्षा करना राज्य सरकार की ड्यूटी है।