


एसएमएस अस्पताल में सोमवार को कार्डियोलॉजी की कैथ लैब में आग लग गई। हादसे के समय वहां कोई मरीज नहीं था। इस घटना के बाद वहां कुछ समय के लिए लैब में काम बंद हो गया, लेकिन बाद में तकनीकी स्टाफ ने बैटरी की समस्या को ठीक किया, जिसके बाद वापस मरीजों की जांच शुरू की गई।
एसएमएस के सुप्रीडेंट डॉ. अचल शर्मा ने बताया कि बैटरी में आग लगने की घटना के समय मरीज कैथ लैब के बाहर थे और अपनी जांच इंतजार कर रहे थे। अचानक तेज आवाज के साथ बैटरी में आ लग गई। घटना के बाद वहां मौजूद स्टाफ ने वहां लगे फायर फाइटिंग इक्यूपमेंट से आग को बुझाया। कुछ देर में तकनीकी खराबी को ठीक करने के बाद वापस लैब में काम शुरू हो गया और मरीजों की जांचे शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि बैटरी जहां रखी है वहां से मरीज की आवाजाही नहीं होती। जो बैटरी खराब हुई है उसे कंपनी को बदलने के लिए कहा है। कंपनी एक-दो दिन में बैटरी बदल देगी। हालांकि इससे कैथ लैब का काम कोई प्रभावित नहीं होगा।
जिस वक्त ये हादसा हुआ था उस समय 15 से 20 मरीज कैथ लैब में एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी करवाने का इंतजार कर रहे थे। एसएमएस में हर रोज औसतन 35 से ज्यादा मरीजों की एंजियोग्राफी होती है।