


अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा ने उनके स्वभाव को पूरी तरह बदल दिया है।उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जब सुबह उठकर सोचता था कैसे चला जाए। उसके बाद सोचता था कि 25 किलोमीटर नहीं 3 हजार 500 किलोमीटर चलना है, कैसे चलूंगा। फिर कंटेनर से उतरता था चल देता था। लोगों से मिलता था। पहले 10-15 दिन में अहंकार और घमंड गायब हो गया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के 85 वें अधिवेशन के अंतिम दिन समापन अवसर पर राहुल गांधी ने बचपन की बातों का खुलासा करते हुए कहा कि मैं छोटा था, 1977 की बात है। चुनाव आया, मुझे उसके बारे में कुछ नहीं मालूम था। घर में अजीब सा माहौल था। मैंने मां से पूछा मम्मी क्या हुआ। मां कहती हैं कि हम घर छोड़ रहे हैं। तब तक मैं सोचता था कि वो घर हमारा था। मैंने मां से पूछा हम घर क्यों छोड़ रहे हैं। पहली बार मां ने मुझे बताया कि ये हमारा घर नहीं है। ये सरकारी घर है। अब हमें यहां से जाना है। मैंने पूछा कहां जाना है तो कहती हैं कि नहीं मालूम कहां जाना है। मैं हैरान का और सोच रहा था कि 52 साल के होने के बाद भी आज भी मेरे पास कोई अपना मकान नहीं है।
राहुल ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी भाजपा के 15-20 लोगों के साथ लाल चौक में झंडा फहराया, भारत जोड़ो यात्रा ने लाखों लोगों के साथ झंडा फहराया, पीएम मोदी को समझ नहीं आया। एक कश्मीरी आया और कहा कि मैं आपके साथ तिरंगा लेकर चल रहा हूं, क्योंकि आपने हमारे दिल में भरोसा जगाया।
उन्होंने कहा कि मैंने संसद में एक फोटो दिखाई, जिसमें मोदी अडाणी के साथ प्लेन में बैठे हैं। मैंने पूछा रिश्ता क्या है। पूरी सरकार, सभी मंत्री अडाणी को बचाने में लग गए। अडाणी पर हमला करने वाला देशद्रोही और अडाणी देशभक्त बन गए। भाजपा और संघ उस व्यक्ति की रक्षा कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि सवाल यह है कि रक्षा क्यों कर रहे हैं। ये जो शेल कंपनियां हैं, हजारों करोड़ रुपया हिंदुस्तान भेज रही हैं, ये किसकी हैं। इसमें किसका पैसा है। जांच क्यों नहीं हो रही है। जेपीसी क्यों नहीं बन रही है।