Saturday, 29 August 2026

पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, पहलवान पर हमला करने वाले चार आरोपियों को गोली मारी


पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, पहलवान पर हमला करने वाले चार आरोपियों को गोली मारी

भरतपुर में 3 दिन पहले लाला पहलवान पर हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। बदमाशों ने पुलिस के साथ मारपीट करते हुए भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में चारों बदमाशों के पैर पर गोली लगी है। इनमें से दो की हालत गंभीर है और उन्हें जयपुर रेफर किया है। जबकि दो का भरतपुर के राज बहादुर मेमोरियल(आरबीएम)  अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि चार मुख्य आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम में छुपे हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर चारों को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को जब चारों बदमाशों को भरतपुर लाया जा रहा था, तब उन्होंने उद्योग नगर थाना इलाके के गुंसारा गांव के पास पुलिस से हाथापाई शुरू कर दी।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों विनोद पथैना, चंदू देशवाल, परमवीर और भीम सिंह ने 23 फरवरी को लाला पहलवान नाम के बिजनेसमैन पर फायरिंग कर दी थी। इसके बाद से बदमाश फरार चल रहे थे।

बदमाशों को आरबीएम अस्पताल लेकर जाया गया। इस दौरान पूरे अस्पताल की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई और किसी को अस्पताल में नहीं जाने दिया गया। इलाज के दौरान विनोद पथैना और चंदू देशवाल को जयपुर रेफर कर दिया गया, बाकी दो बदमाश परमवीर और भीम सिंह का आरबीएम अस्पताल में ही इलाज जारी है। 

घटना 23 फरवरी की सुबह 8 बजे की है, अतलबंद थाना इलाके में वेलनेस जिम के बाहर तीन बदमाशों ने लाला पहलवान नाम के व्यक्ति पर तबतोड़ फायरिंग करते हुए उस पर लाठियों से हमला कर दिया। इस घटना का पूरा वीडियो भी सामने आया था।

पहलवान पर हमला किया गया तब एक डॉली नाम की लड़की भी जिम से बाहर आ रही थी। बदमाशों ने लाला पहलवान को देखते ही उस पर फायरिंग की, पहली गोली के कुछ छर्रे लड़की के पैर में भी लगे थे।

लाला पहलवान के भाई समंदर ने बताया कि, उसका भाई लाला पहलवान हिस्ट्रीशीटर है, लेकिन करीब 6 साल से लाला पहलवान पर कोईमामला दर्ज नहीं हुआ है। उनकी लोक परिवहन की 4 बसें चलती हैं। उसका कहना है कि विनोद पथैना से न कोई झगड़ा है न कोई विवाद। कभी विनोद का कोई रंगदारी का फोन भी नहीं आया।विनोद पर रंगदारी, मर्डर के राजस्थान, हरियाणा, यूपी में करीब 50 मामले दर्ज  हैं। फिलहाल पुलिस विनोद और उसके साथियों का आपराधिक रिकॉर्ड जांचा जा रहा है, विनोद सरपंची का चुनाव भी लड़ चुका है, लेकिन वह हार गया था।




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