


विशाखापट्टनम निवासी बीटेक छात्र ने होटल में ठहरने के बाद जब शुक्रवार को बिल देने की बारी आई तो उसने खुद को राष्ट्रपति भवन में तैनात एनआईए का सब इंस्पेक्टर बताया और धमकाया। इसके बाद सूचना पर पहुंची जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
इससे पहले आरोपी सुधीर बोराड़ा ने गुरुवार को एयरपोर्ट थाने में सुदर्शन राव बताकर फर्जी नाम पते के आधार पर मोबाइल और पर्स लूट का मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट में उसने बताया कि था होटल जाने के लिए उसने एयरपोर्ट से कार बुक कराई थी। रास्ते में चालक ने तीन अन्य लोगों को बुलाकर उससे लूटपाट कर ली। यहां से आरोपी दुर्गापुरा स्थित होटल रेडिसन ब्लू में चला गया। होटल का बिल चुकाते समय विवाद हुआ तो पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान पूछताछ की गई तो आरोपी की सच्चाई सामने आ गई।
थाना प्रभारी सुरेन्द्र सैनी ने बताया कि आरोपी ने एयरपोर्ट थाने में सुदर्शन राव के नाम से रिपोर्ट दी थी। पूछताछ में असली नाम सुधीर सामने आया। वह बी. टेक कर रहा है। 20 फरवरी को फ्लाइट से विशाखापट्टनम से अहमदाबाद-मुम्बई, गोवा होते हुए 23 फरवरी को जयपुर पहुंचा था। यहां से पहले वह शाहपुरा चला गया। वहां से वापस आकर एयरपाेर्ट थाने में फर्जी घटना की रिपाेर्ट दर्ज करवाई। इसके बाद हाेटल रेडीसन ब्लू पहुंचा।
होटल का बिल चुकाते समय आरोपी ने फर्जी ट्रांजेक्शन कर दिया, तब होटल कर्मियों को एनआईए में सब इंस्पेक्टर बताकर धमका दिया। इसके बाद जवाहर सर्किल थाने काे सूचना दी। पुलिस ने एनआईए से जानकारी जुटाई तब पता चला कि सुदर्शन के आईकार्ड पर खुद की फाेटाे लगाकर फर्जी आई कार्ड बना लिया। उसने एनआईए में ट्रेनिंग कर रहे सिपाही का आई कार्ड चुराया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।