


दोसा की सरकारी अस्पताल की एंबुलेंस मरीजों को लाने ले जाने की जगह जयपुर से दोसा तक चप्पल जूते के भरे बोरों की ढुलाई हो रही है। इसका खुलासा एक युवक द्वारा डाले गए वीडियो के बाद हुआ। चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा के गृह जिले में यह सब घटना हो रही है। वे इस बात से बेखबर है जब जानकारी मिली तो उन्होंने जांच के आदेश दिए इसके बाद खुलासा हुआ कि एंबुलेंस का ड्राइवर यह सब काम कर रहा है।
दोसा के सरकारी अस्पताल को कांग्रेस विधायक और कृषि विपणन राज्यमंत्री मुरारी लाल मीणा ने यह एसी एंबुलेंस अस्पताल को विधायक फंड से उपलब्ध कराई थी। इसका उपयोग मरीजों को लाने ले जाने की जगह की एंबुलेंस में सामान ढोया जाने का काम हो रहा था।
एक युवक ने इस बात का खुलासा किया कि जयपुर से दौसा इस एंबुलेंस से माल ढुलाई की जा रही है। बुधवार को वीडियो सामने आने के बाद चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ड्राइवर शाहिद खान काफी दिनों से जिला अस्पताल की एंबुलेंस चला रहा है। इमरजेंसी में दौसा से जयपुर रेफर होने वाले मरीजों को वही लेकर जाता है। जयपुर से दौसा वापसी करते समय वह एंबुलेंस में प्राइवेट लोगों के माल भरकर लाता है और मोटी रकम वसूलता है। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ है।
दौसा जिला अस्पताल की वातानुकूलित एम्बुलेंस जयपुर के गोपालपुरा मोड़ के पास से सामान बोरे भरकर ला रही थी। एक युवक ने एंबुलेंस का पीछा किया और वीडियो बना लिया। शाहिद दौसा के लालसोट रोड स्थित एक हॉस्पिटल के पीछे सामान के बोरे उतारते मिला। उसमें जूते-चप्पल भरे थे। इसके बाद एंबुलेंस को उसने दौसा डिस्ट्रिक्ट अस्पताल की इमरजेंसी के सामने लाकर खड़ा कर दिया।
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवराम मीणा ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन ने ठेका फर्म दीपक इंटरप्राइजेज को गुरुवार को नोटिस जारी कर चालक शाहिद खान को हटाने के आदेश जारी किए हैं। मामले की जांच कराई जा रही है।
दौसा जिला अस्पताल में सभी एंबुलेंस चिकित्सा विभाग की है, लेकिन इनके ड्राइवर अनुबंधित फर्म से ले रखे हैं। फर्म द्वारा एम्बुलेंस का संचालन नहीं किया जाता, बल्कि ट्रॉमा सेंटर से रेफर होने वाले गंभीर मरीजों के लिए इन एम्बुलेंस का संचालन जिला अस्पताल द्वारा किया जाता है।