


एमओयू के तहत अमृतसर-भटिंडा -जामनगर एक्सप्रेसवे पर राज्य में तीन जिलों हनुमानगढ़, बीकानेर और जोधपुर के कुल छह स्थानों पर 11 सोलर पावर प्लांट विकसित किये जायेंगे। कुल 27.43 मेगावाट क्षमता के ये पावर प्लांट सौर कृषि आजीविका योजना (पीएम कुसुम) के तहत लगाए जायेंगे। ये पावर प्लांट हनुमानगढ़ जिले के कोल्हा गाँव, बीकानेर जिले के मलकीसर-गोपल्यान रोड,नौरंगदेसर एवं रासीसर गांव तथा जोधपुर जिले के भीकमकोर गांव में लगेंगे तथा 8 सबस्टेशन को कवर करेंगे।
उल्लेखनीय है कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड के माध्यम से यह कार्य योजना तैयार की है। जिसमें राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस हाइवेज के किनारे सौलर पैनल लगाए जाने हैं। यह योजना पीपीपी मोड (पब्लिक प्राइवेट पार्टर्नशिप )के आधार पर विकसित की जाएगी।
बैठक में सौलर इफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई)और राज्य सरकार के बीच नॅशनल हाइवेज और एक्सप्रेस हाइवेज से सम्बंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनएचएलएमएल के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लायें।
बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया,सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की सचिव श्रीमती अल्का उपाध्याय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के रीजनल ऑफिसरपवन कुमार, एनएचएलएमएल के सीईओ प्रकाश गौड़, आशीष कुमार जैन, जोधपुर डिस्कॉम के मुख्य अभियंता प्रेमजीत धोबी सहित एनएचएलएमएल के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।