


पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने आम आदमी पार्टी के विधायक अमित रतन कोटफत्ता को पीए के माध्यम से ₹ 4 लाख की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है। कोटफत्ता, बठिंडा देहात से आप के विधायक हैं। कोटफत्ता को आधी रात राजपुरा से पकड़ा गया। विधायक को गिरफ्तार करने के बाद विजिलेंस कोटफत्ता को बठिंडा ले गई है।
विधायक कोटफत्ता को गुरुवार को बाद दोपहर कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने विधायक को 27 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब पुलिस विजिलेंस कार्यालय में प्राइवेट पीए और विधायक को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी।
16 फरवरी को बठिंडा में उनके प्राइवेट पीए रिशम सिंह को 4 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। तब विधायक कोटफत्ता से भी करीब 4 घंटे तक सर्किट हाउस में पूछताछ की गई थी। इस मामले में रिश्वत देने वाले गांव घुद्दा की सरपंच सीमा रानी के पति प्रितपाल कुमार का कहना था कि हिस्सा न देने पर बीडीपीओकार्यालय वाले उन्हें 4 साल से तंग कर रहे थे। इसी मामले में वह विधायक अमित रतन कोटफत्ता से मिले। जहां उन्होंने विधायक को बताया कि उनके 25 लाख पेंडिंग हैं।
पैसे न मिलने की वजह से ठेकेदार आगे काम नहीं कर रहे। इस पर विधायक ने उनसे पूछा कि हमें क्या दोगे ? इसके बाद विधायक ने 5 लाख में पूरी पेमेंट रिलीज करवाने का सौदा कर लिया। यह सौदेबाजी निजी पीए रिशम गर्ग के जरिए ही हुई।विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई के बाद विधायक अमित रतन कोटफत्ता ने कहा था कि रिशम गर्ग से उनका कोई संबंध नहीं है। रिशम उनका पीए नहीं है। जिसने भी रिश्वत ली है, उसके खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाना चाहिए। अमित रतन ने पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
सीएम भगवंत मान ने कहा कि रिश्वतखोरी चाहे किसी ने भी की हो, किसी भी तरह से की हो, बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लोगों के टैक्स का पैसा खाने वालों पर कोई तरस नहीं, कानून सबके लिए बराबर है।