


सीएम गहलोत ने शेखावत पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री संजीवनी को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड घोटाले के मामले में जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच में दूसरे गिरफ्तार किए जा चुके अभियुक्तों के समान धाराओं में ही उनके ऊपर जुर्म प्रमाणित हो चुका है।
सीएम गहलोत ने कहा कि केंद्रीय मंत्री शेखावत स्वयं इस बात को अच्छे से जानते हैं कि 1 लाख से ज्यादा पीड़ितों की जिंदगीभर की जमापूंजी के करीब 900 करोड़ से ज्यादा की रकम को संजीवनी सोसाइटी ने लूटा है
सीएम गहलोत ने कहा कि इस मामले में प्रोपर्टी अटैच करने के अधिकार एसओजी के पास ना होकर प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी)के पास हैं। एसओजी ने पिछले दो साल में ईडी को 5 बार संजीवनी सोसाइटी से जुड़ी प्रोपर्टी अटैच करने का आग्रह किया है। इसके बावजूद देशभर में विपक्षी नेताओं के घर छापे मारने वाली ईडी ने अभी तक संजीवनी घोटाले के आरोपियों की प्रोपर्टी तक अटैच नहीं की है।
सीएम गहलोत ने कहा कि अगर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बेकसूर हैं तो गरीबों का पैसा वापस दिलवाने के लिए आगे क्यों नहीं आते ?उन्होंने कहा कि सेंट्रल रजिस्ट्रार ने इस मामले में एक लिक्विडेटर नियुक्त किया है, लेकिन वो तब ही पीड़ितों का पैसा लौटा पाएगा जब संजीवनी सोसाइटी की प्रोपर्टी अटैच होकर वहां से पैसे की रिकवरी होगी। केंद्र सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जिसमें राजस्थान सरकार पूरा सहयोग करेगी।
सीएम गहलोत ने कहा कि संजीवनी घोटाला पीड़ित संघ के लोग करीब 6 महीने पहले जयपुर में मुख्यमंत्री निवास पर और दो दिन पहले जोधपुर सर्किट हाउस में मुझसे मिले थे। उनकी बातें सुनकर मैं भी भावुक हो गया कि किस प्रकार उन्हें झांसे लेकर उनकी मेहनत की जमा पूंजी लूटी गई। कई पीड़ितों के तो करोड़ों रुपए इस घोटाले में डूब गए हैं।
मेरे पास सभी पीड़ितों की बातों की वीडियो रिकॉर्डिंग है जिसमें उनका दर्द फूट रहा है। सीएम गहलोत ने कहा किअगर नैतिक साहस है तो केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को उनकी बातें सुननी चाहिए और समझना चाहिए कि उन्होंने कितना बड़ा अपराध किया है। उन्होंने कहा कि शेखावत केंद्रीय जल शक्ति मंत्री होने के नाते ईडी से अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं करवा पाए ? इसका जवाब जनता को देना होगा। राजस्थान सरकार पीड़ितों को इंसाफ सुनिश्चित करने के लिए लगातार ईडी से संपर्क साधेगी।