Saturday, 29 August 2026

गुलाबचंद कटारिया ने असम के राज्यपाल के रूप में ली शपथ, मुख्य न्यायाधीश संदीप मेहता ने दिलाई शपथ


गुलाबचंद कटारिया ने असम के राज्यपाल के रूप में ली शपथ, मुख्य न्यायाधीश संदीप मेहता ने दिलाई शपथ

बुधवार को असम के मुख्य न्यायाधीश संदीप मेहता ने बुधवार को गुवाहाटी में गुलाब चंद कटारिया को राज्यपाल पद की शपथ दिलवाई। इस अवसर पर असम के  सीएम हिमंत बिस्वा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष  डॉ.सतीश पूनिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़  सहित बड़ी संख्या में  भाजपा नेता मौजूद रहे।

इससे पहले कटारिया मंगलवार को उदयपुर से असम के लिए परिवार के साथ चार्टर प्लेन से असम के लिए रवाना हुए थेऔर गुवाहाटी एयरपोर्ट पहुंचने पर गुलाब चंद कटारिया को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।  एयरपोर्ट पर असम के प्रमुख राजनेता, नौकरशाह, सेना और पुलिस के अधिकारियों ने गुलाबचंद कटारिया की अगवानी की। 

गुलाबचंद कटारिया का जन्म 13 अक्टूबर 1944 को राजसमंद के देलवाड़ा में हुआ था। कटारिया ने एमए, बीएड और एलएलबी तक पढ़ाई की है। उनकी पांच बेटियां हैं। हायर एजुकेशन के बाद वे उदयपुर में प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने लगे थे। कॉलेज के समय में आरएसएस से जुड़ गए। कटारिया जनसंघ के दिग्गज नेता सुंदरसिंह भंडारी और भानुकुमार शास्त्री के साथ काम करने लगे थे।

गुलाब चंद कटारिया  वर्ष 1993 से लगातार विधायक हैं। उदयपुर विधानसभा सीट से वर्ष 2003 से 2018 तक लगातार चार बार चुनाव जीते। वर्ष 1993 में भी उदयपुर शहर से विधानसभा चुनाव जीते थे। वर्ष 1998 में भी कटारिया ने विधानसभा चुनाव जीता था, मगर तब वे बड़ी सादड़ी सीट से चुनाव लड़े थे।

गुलाबचंद कटारिया विधायक बनने के बाद भी कटारिया को जब पैसे की जरूरत पड़ी तो वे उदयपुर में नौकरी करने लग गए थे। जब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को उनके नौकरी करने के बारे में पता लगा तो उन्हें समझाया कि पार्टी के लिए यह ठीक नहीं रहेगा कि आप जैसा नेता नौकरी करे। काफी समझाने के बााद वे नौकरी छोड़ने को तैयार हुए।

कटारिया ने जिस दौर में राजनीति शुरू की, वह जनसंघ के लिए मुश्किल दौर था। राजनीति में उस वक्त आज के दौर की तरह पैसा नहीं था। कटारिया प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हुए ही चुनाव लड़े थे। कटारिया के पास वाहन के नाम पर एक मोटरसाइकिल हुआ करती थी, उसी से उदयपुर संभाग के आदिवासी इलाकों में पार्टी का काम करते थे।बाद में वही मोटरसाइकिल उन्होंने उदयपुर के मावली से विधायक धर्मनरायण जोशी को दी। भाजपा नेता सुनील भार्गव कटारिया ने उनके साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए कहा- गुलाबचंद कटारिया ने राजनीति से कभी पैसा नहीं कमाया।



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