

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस सरकार को फिर से रिपीट करने का दावा कर रहे हैं और प्रदेश के लिए विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ढाई साल बाद बने संगठन के पदाधिकारी में कांग्रेस के समर्पित और पुराने कार्यकर्ताओं की जगह भाजपा के करीबी लोगों को शामिल कर पार्टी को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही है।
हालही में संगरिया विधानसभा में कांग्रेस के टिब्बी ब्लॉक अध्यक्ष हरनेक सिंह को बनाया है। सूर्य वाला गांव का सरपंच रह चुके वहसंगरिया से भाजपा के विधायक रहे कृष्ण कड़वा का करीबी व्यक्ति है। इसके बावजूद उन्हें सांवरिया से दो बार कांग्रेस प्रत्याशी रही शबनम गोदारा की सिफारिश के आधार पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ब्लॉक अध्यक्ष घोषित कराया है। ब्लॉक अध्यक्ष की घोषणा के बाद अबउनका स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है और कहा जा रहा है कि आखिर भाजपा के समर्थित लोगों को ब्लॉक अध्यक्ष बनाया जाएगा तो आने वाले चुनाव में कांग्रेस कैसे जीतेगी।
उल्लेखनीय है कि हरनेक सिंह ने वर्ष 2017 में अपने इसी फेसबुक इस पर पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह को बधाई दी थी । यही नहीं उन्होंने सरपंच रहते हुए अपने ट्विटर पर मोदी की तारीख और राहुल गांधी की मजाक उड़ाते हुए एक ट्वीट किया था।
यही नहीं कांग्रेस नेता शबनम गोदारा की सिफारिश के आधार पर ही अपराधी प्रवृत्ति के सुनील उर्फ़ सुनील बिश्नोई को संगरिया कस्बे का कांग्रेस अध्यक्ष बनाया है । जबकि इसके खिलाफ सांगरिया थाने में 26 दिसंबर 2021 को जमीनों पर कब्जा करने के मामले में धारा 447, 427, 354, 147, 148, 149 के तहत एफ आई आर दर्ज की गई थी। इस मामले में उनके साथ भाजपा के अशोक सिंधी,किशोरी लाल और एचएस रमेश धारणिया और कुछ लोग शामिल थे।
इन दोनों पदाधिकारियों को लेकर संगरिया के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे को शिकायत भेजी है। इन कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मांग की है कि ऐसे दोनों नेताओं की जांच कराई जाए कि इन दोनों को किस आधार पर कांग्रेस का पदाधिकारी बनाया गया । अगर ऐसे पदाधिकारी के खिलाफ जांच नहीं की गई तो संगरिया में कांग्रेस की स्थिति कमजोर होगी और आने वाले चुनाव में इसका विपरीत प्रभाव भी पड़ेगा।