


प्रदेश के कई जिलों में अभी से अप्रैल-मई जैसी गर्मी देखी जा रही है। रात और दिन के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। प्रदेश के 9 जिलों में पारा 35 डिग्री या उससे ऊपर दर्ज किया गया है।बाड़मेर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया। जैसलमेर, चित्तौड़गढ़, जोधपुर, फलोदी, बीकानेर, जालौर और भीलवाड़ा में तापमान 35 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है।
अरब सागर में एंटीसाइक्लोनिक तंत्र बनने की वजह से प्रदेश में तापमान में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसकी वजह से शुष्क मौसम और तापमान और बढ़ने की आशंका बताई जा रही है। हालांकि कि 21-22 फरवरी को उत्तरी हवाओं के असर के चलते तापमान में मामूली गिरावट हो सकती है। लेकिन अब तेज ठंड बढ़ने की संभावना कहीं भी नहीं है। प्रदेश में सर्दी के लिहाज से भी यह आखिरी सप्ताह है।
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार इस बार गर्मी लंबी और भीषण पड़ने का अनुमान है। इसके साथ ही दिन के तापमान के साथ-साथ रात रात का तापमान बढ़ने का भी अनुमान किया गया है।
क्या है एंटी साइक्लोनिक सरकुलेशन?
एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का मतलब असल में हवा का बिखरना है। जैसा कि इसका नाम है, एंटी-साइक्लोन में हवा की दिशाएं साइक्लोनिक हवाओं की दिशा के विपरीत होती हैं। साइक्लोनिक सर्कुलेशन में लो-प्रेशर एरिया बनता है और हवाएं आपस में मिलकर उठती हैं। वहीं, एंटी-साइक्लोनिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन में हाई-प्रेशर एरिया बनता है जिसमें हवाएं बिरखती हैं और नीचे गिरती हैं।