

भरतपुर ब्राह्मण परिवार एकता महासंघ ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ओर से ब्राह्मण विरोधी टिप्पणी करने के विरोध में एक सभा का आयोजन किया जिसकी अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय सह कार्यकारी अध्यक्ष विनोद कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि मोहन भागवत की भाषा अमर्यादित है और इससे ब्राह्मण समाज आहत हुआ है।
उन्होंने मोहन भागवत को आगाह करते हुए बताया कि अगर ब्राह्मणों ने जातियां बनाई है तो आज ब्राह्मणों के इष्ट देव श्रीराम नहीं बल्कि रावण होते और साथ ही यह भी बताया की ब्राह्मणों ने कभी भी तोड़ने का नहीं बल्कि जोड़ने का काम किया है ।उन्होंने हर समाज के वर्ग को साथ लेकर चलने का कार्य किया है और जहां भी ब्राह्मणों की जरूरत पड़ी है। वहां पर अपना पूर्णरूपेण योगदान भी दिया है चाहे वह आजादी की लड़ाई हो या देश की सांप्रदायिक एकता और अखंडता को बचाए रखने के लिए बात हो प्रदेश प्रभारी प्रेमचंद शर्मा ने कहां की यह सब राजनीति को चमकाने के लिए किया गया कार्य है जो की बहुत ही निंदनीय है।
भागवत बुजुर्ग हैं उन्हें अपनी मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए प्रदेश अध्यक्ष लोकेश पाराशर ने मोहन भागवत के वक्तव्य की निंदा करते हुए कहा कि मोहन भागवत को ब्राह्मण समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और अपना वक्तव्य वापस लेना चाहिए और और भविष्य में इस तरह की ब्राह्मण विरोधी भ्रामक बातें नहीं फैलाने के लिए आगाह किया और बताया कि या तो वह सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हैं नहीं तो हम ब्राह्मण परिवार एकता महासंघ और समस्त ब्राह्मण संगठनों के बैनर तले सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे l