


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अब कांग्रेस को निर्णय लेना होगा कि वर्ष 2024 में क्या रणनीति होनी चाहिए और विपक्षी एकता को किस तरह से मजबूत करना चाहिए। यदि कांग्रेस इस बात पर तैयार हो जाए तो वर्ष 2024 में भाजपा 100 सीटों के अंदर सिमट कर रह जाएगी।
उन्होंने कहा कि विपक्ष एकता की कवायद चल रही है। आप लोगों के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। कई पार्टियां एकजुट होने के लिए तैयार हैं। बस आपके फैसले का इंतजार है। देश के हित में सोचेंगे तो आपको ही फायदा होगा और दोस्त को भी फायदा होगा। नीतीश कुमार ने कांग्रेस से कहा कि हमको कुछ नहीं चाहिए। हम चाहते हैं सभी एकजुट होकर वर्ष 2024 में भाजपा का सामना करें। हम पहले भी साथ चल रहे थे, आगे भी साथ चलेंगे। सलमान खुर्शीद सामने बैठे हैं। हम लोगों ने विपक्षी एकता के लिए जाकर दिल्ली में संदेश दे दिया था। अब हम लोग कांग्रेस का इंतजार कर रहे हैं।
पटना में शनिवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के अधिवेशन में कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने नीतीश कुमार को जवाब देते हुए कहा कि हम आपकी बात को आलाकमान तक पहुंचा देंगे, मैं एक वकील हूं, आपकी वकालत कर दूंगा।नीतीश की सलाह पर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा- नीतीश कुमार जी जो आप सोचते हैं, वो कांग्रेस भी सोचती है। बस बात इतनी सी है कि पहले आई लव यू कौन कहेगा।
भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि आज देश में संविधान खतरे में है। ऐसे ऐसे में देश में जितनी विपक्षी पार्टियां हैं, उन सभी को एकजुट होना होगा और समय बहुत कम है। 2024 के चुनाव से पहले विपक्ष की एकता जरूरी है।
डिप्टी सीएम तेजस्वी ने कहा कि भाजपा मंदिर, मस्जिद, गाय की चर्चा करती रहती। नफरत की राजनीति फैलाने वाले लोग यह जान लें कि देश किसी के बाप का नहीं, जो मुसलमानों से वोटिंग का अधिकार छीन लें। भाजपा और आरएसएस मनुस्मृति और गोलवलकर की थ्योरी को संविधान बनाना चाहती, लेकिन देश की जनता इसेक भी पूरा नहीं होने देगी।