Saturday, 29 August 2026

क्या है एंटी साइक्लोनिक सरकुलेशन, जिससे प्रदेश में फिर एक बार बढ़ सकती है गर्मी


क्या है एंटी साइक्लोनिक सरकुलेशन, जिससे प्रदेश में फिर एक बार बढ़ सकती है गर्मी

प्रदेश में 2 दिन ठंडी हवाएं चलने के बाद एक बार फिर तापमान बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार इसकी वजह एंटी साइक्लोनिक सरकुलेशन को बताया गया है। इसके चलते अगले दो दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़त आने की संभावना है।



मंगलवार को सुबह-शाम सर्दी का असर रहा वही दिन में अधिकतम तापमान में दो से 3 डिग्री की बढ़ोतरी देखी गई। कई स्थानों पर पारा 30 डिग्री को पार कर गया। अजमेर में 30.8, डूंगरपुर में 31.3, जालोर में 33.9, बाड़मेर में 33.7 व जैसलमेर में 33.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। जयपुर में अधिकतम तापमान 28.6 व न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री दर्ज किया गया।

क्या है एंटी साइक्लोनिक सरकुलेशन?

एंटी साइक्‍लोनिक सर्कुलेशन का मतलब असल में हवा का बिखरना है। जैसा कि इसका नाम है, एंटी-साइक्‍लोन में हवा की दिशाएं साइक्‍लोनिक हवाओं की दिशा के विपरीत होती हैं। साइक्‍लोनिक सर्कुलेशन में लो-प्रेशर एरिया बनता है और हवाएं आपस में मिलकर उठती हैं। वहीं, एंटी-साइक्‍लोनिक साइक्‍लोनिक सर्कुलेशन में हाई-प्रेशर एरिया बनता है जिसमें हवाएं बिरखती हैं और नीचे गिरती हैं। 



एंटी साइक्‍लोन के बीच के हिस्‍से में हाई-प्रेशर के चलते तेज हवा का ब्‍लास्‍ट ऊपर से नीचे की तरफ होता है और गर्म हवाएं नीचे आती हैं। हवा कंप्रेस होने की वजह से और गर्म होती है और उसकी नमी भी कम होती है। गर्म हवाएं हाई-प्रेशर एरिया से लो-प्रेशर एरिया की तरफ बढ़ती हैं।

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