Saturday, 29 August 2026

आरटीडीसी का नाम तो पीने पिलाने के लिए ही मशहूर था : खाचरियावास


आरटीडीसी का नाम तो पीने पिलाने के लिए ही  मशहूर था :  खाचरियावास

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि- राजस्थान टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (आरटीडीसी ) का नाम पीने और पिलाने के लिए ही मशहूर था। पहले तो बीयर आप ही बेच रहे थे। वापस बीयर बेचने लग जाओ। आपका काम वैसे ही चल जाएगा। इतने पैसे आएंगे कि गिनती ही नहीं हो सकेंगे। मंगलवार को खासा कोठी में गणगौर के रिनोवेशन के उद्घाटन अवसर पर खाचरियावास ने कहा कि रिनोवेशन से काम चलने वाला नहीं है बल्कि हमें अपनी नीतियों में भी बदलाव लाना होगा। जैसे फाइव स्टार होटल्स में डिमांड के हिसाब से रेट कम और ज्यादा होती है। उसी तर्ज पर आरटीडीसी को भी होटल्स की रेट कम और ज्यादा करनी पड़ेगी। हमें भी पैकेज के तौर पर अपनी होटल्स को ऑनलाइन बेचना पड़ेगा। तभी हम सफल हो सकेंगे।

खाचरियावास ने कहा कि सीएम गहलोत को पता है, पिछली बार चुनाव में कर्मचारियों ने उनका नुकसान कर दिया था। इस बार तो कर्मचारियों के लिए ही सब कुछ किया जा रहा है। जो कर्मचारी बाकी रह गए हैं। वह चिंता मत करना, इस बार  सीएम गहलोत के दिमाग में बहुत कुछ चल रहा है। बजट में जो लोग बाकी रह गए हैं। उन सब को भी वह दे देंगे। अबकी बार किसी को बाकी छोड़ने वाले नहीं है। कुछ लोग कहते हैं कि पैसे ही नहीं हैं। मेरा ऐसा मानना है कि नीयत अच्छी होनी चाहिए। फैसला हमेशा नीयत से होता है। अगर नीयत अच्छी होती है। बरकत अपने आप होती है।

राजस्थान टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन धर्मेंद्र राठौर ने कहा कि 1 साल पहले जब मैं आरटीडीसी का चेयरमैन बना तब पर्यटन विभाग और  आरटीडीसी सास बहू की तरह लड़ते थे। एक साल में हालात पूरी तरह बदल गए हैं। पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह और अधिकारियों ने पूरा सहयोग दिया। उसी का नतीजा है कि अब सासू, मां बन चुकी है, और बहू बेटी की तरह काम कर रही है। इसलिए मुझे लगता है कि अब आरटीडीसी को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग का बजट 1000 करोड़ से बढ़ाकर 1500 करोड़ कर दिया है। उन्होंने कहा कि देश के पर्यटन विभाग का बजट 24 सौ करोड़ का है




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