Saturday, 29 August 2026

शोर-शराबे के बीच सीकर नगर परिषद का 382.44 करोड़ का बजट हुआ पारित, सफाई में लगेगा यूजर चार्ज


शोर-शराबे के बीच सीकर नगर परिषद का 382.44 करोड़ का बजट हुआ पारित, सफाई में लगेगा यूजर चार्ज

विपक्ष के हंगामे के बीच सीकर नगर परिषद की बजट बैठक सोमवार सुबह सभापति जीवण खां की अध्यक्षता में हुई। कुछ मिनटों में ही  नगर परिषद का वर्ष 2023-24 का 382.52 करोड़ रुपए का  वार्षिक बजट पारित कर दिया गया। शहर के लिए 21 घोषणाएं की गई। पिछले साल की तुलना बजट में 1.08 करोड़  की बढ़ोतरी की गई है।

बजट में स्ट्रीट लाइट 1 करोड़, सड़क निर्माण 25 करोड़, सड़क मरम्मत 3 करोड़, सफाई  5 करोड़ रुपए, अमृत योजना में 52 करोड़ रुपए का प्रावधान कर दिया। नगर परिषद इन मदों पर तय पैसा भी खर्च नहीं कर पाई। पिछले साल 381.44 करोड़ का बजट पेश किया गया था। 311 कराेड़ रुपए आय का लक्ष्य था, लेकिन 156 कराेड़ ही जुटा पाए।

पुरानी घोषणाओं पर काम नहीं होने का हवाला देते हुए विपक्षी पार्षद वेल में आकर धरने पर बैठ गए। सभापति ने शहर में ग्रीन बेल्ट बढ़ाने के लिए तीन घोषणाएं की। सीकर शहर को यलो सिटी के नाम पहचान दिलाने के लिए प्रमुख दीवारों का यलो रंग में हेरिटेज लुक के साथ सौंदर्यीकरण करने, पार्षदों को पांच लाख का फंड, नगर परिषद के पुराने भवन में पार्किंग बनाने, प्रेस क्लब के लिए भवन बनाने की घोषणा की। कचरा संग्रहण पर यूजर चार्ज सिर्फ व्यावसायिक संस्थाओं पर लागू होगा। इसकी शुरुआत मार्च से होगी।

सीकर को देंगे यलो सिटी की पहचान, तोदी नगर में साइंस पार्क और नेहरू पार्क में बाल भवन बनाएंगे । सड़कों का 5.70 करोड़ रु., सफाई का 1.50 करोड़, स्ट्रीट लाइट का 30 लाख का बजट कम कर दिया

स्टूडेंट्स और बाहरी लोगों के बढ़ते दबाव और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस की मदद के लिए वेरिफिकेशन पोर्टल बनाया जाएगा। इसमें शिक्षण संस्थान, हॉस्टल व किराए पर रूम देने वाले मकान मालिकों को रजिस्ट्रेशन होगा। सूचना अपलोड होने के बाद पोर्टल से ऑटोमेटिक थाने वार लिस्ट संबंधित थाने के पोर्टल पर सबमिट होगी। इससे पता लगाया जा सकेगा कि किस लोकेशन पर कितने लोग रह रहे हैं। इसमें वॉइस कॉल और मैसेज की सुविधा मिलेगी, ताकि प्रशासन जरूरत के वक्त इन्हें मैसेज कर सकेगा। ग्रुप हाउसिंग बोर्ड की तर्ज पर शहर की पहली ग्रुप हाउसिंग स्कीम लाॅन्च करेगा। इसके लिए पहले सर्वे किया जाएगा कि फ्लैट के लिए कितने लोगों की डिमांड है। इसके आधार पर तोदी नगर आवासीय योजना में ग्रुप हाउसिंग की स्कीम तैयार की जाएगी। फिलहाल 5 से 10 मंजिला तक प्लान रखा गया है। इसका मकसद लोगों को कम कीमत पर शहर के नजदीक आवास सुविधा मुहैया करवाना है। 3. नेहरू पार्क में बाल भवन : चार करोड़ रुपए की लागत से बच्चों के खेलकूद के लिए संसाधन जुटाए जाएंगे। बच्चों के मनोरंजन के लिए मैदान डवलप किया जाएगा। पार्क के बाहर मेला ग्राउंड बनाया जाएगा। साइंस पार्क एवं टेक्नॉलॉजी पार्क : सात करोड़ से ताेदी नगर में एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से साइंस पार्क बनेगा। यहां विज्ञान के प्रयोग से जुड़ी चीजें लगाई जाएगी।

इंटरप्रिटेशन सेंटर : स्मृति वन मेें पेड़ाें व जानवराें की जानकारी के लिए 50 लाख से इंटरप्रिटेशन सेंटर बनेगा। यहां आने वाले लोगों को प्रकृति से जुड़ी चीजें जानकारी मिलेगी। आधुनिक वाॅक भी बनेगा। माधव सागर जीर्णोद्धार : तालाब को डवलप किया जाएगा। यहां कलरफुल लाइटिंग लगाई जाएगी। इसके साथ ही मारु पार्क में नए पौधे लगाकर विकसित किया जाएगा।  रामलीला मैदान का विकास : धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़े रामलीला मैदान में राम धनुष और हनुमान गदा लगाई जाएगी। चारों शिफ्टिंग वॉल बनाई जाएगी। वहीं गाेपीपाथजी मंदिर व घंटाघर पर फसाड़ लाईटिंग लगेगी।

 पिपराली रोड पर फूड चौपाटी बनाई जाएगी। ताकि स्टूडेंट्स को खान-पान के लिए सुरक्षित स्थान मिल सके। इससे लोगों रोजगार भी मिलेगा।  जयपुर रोड, फतेहपुर रोड, सांवली रोड के फुटपाथ एवं ग्रीन स्पेश को विकसित किया जाएगा। ताकि शहर में हरियाली का क्षेत्र बढ़ाया जा सके। इसके लिए सजावटी पौधे लगेंगे।

नगर परिषद के बजट में हाेने वाली घाेषणाएं पूरी नहीं हाे पा रही हैं। सिर्फ विकास के सपने दिखाए जा रहे हैं। नगर परिषद ने स्ट्रीट लाइट और रोशनी व्यवस्था पर 1.5 करोड़ रुपए की जगह 55 लाख रुपए ही खर्च किए गए। सड़कों की मरम्मत पर 3.77 करोड़ रुपए  की जगह 70 लाख रुपए ही खर्च किए गए। सड़क निर्माण पर 30 करोड़ रुपए तय कर आधा बजट 15.50 कराेड़ रुपए ही खर्च कर पाए। पार्किंग और नंदीशाला पर एक पैसा खर्च नहीं किया गया।

शैक्षणिक लाइब्रेरी, निकाय थाना, स्मृति वन में जीवन रेल, वाई-फाई, स्मार्ट वार्ड, व्यावसायिक काॅम्प्लेक्स, पुरानी कोतवाली में पार्किंग जैसी घोषणाओं पर आज तक काम नहीं हो पाया।

बोर्ड बैठक में विपक्षी पार्षदों में बिखराव नजर आया। नेता प्रतिपक्ष अशोक चौधरी ने सभापति पर आरोप लगाया कि वे आए दिन लोगों को नए सपने दिखा रहे हैं। ऐतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षण नहीं मिल रहा है। कई पार्षद प्रस्ताव लेकर आए थे, लेकिन हंगामे के कारण सदन में नहीं रख पाए। पार्षद राहुल बिल्खिवाल ने आरोप लगाया कि हमारे एक बड़े नेता की मिलीभगत के कारण हमे तव्वजो नहीं दी जा रही है। विरोध के बावजूद सभापति ने बजट भाषण पेश कर दिया। नगर परिषद ने पिछली  बैठक में विधानसभा की तर्ज पर ऑनलाइन सवाल लगाने की व्यवस्था शुरू की थी, लेकिन महज एक पार्षद ने सवाल उठाया।

पिछले बजट में नगर परिषद ने जमीन बेचकर 60 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा था। लेकिन 10 करोड़ ही जुटा पाए। नगर परिषद के पास आमदनी का सबसे बड़ा जरिया जमीन बेचान ही है। इस बार 53 करोड़ रुपए तय किए हैं।पिछले बजट में विज्ञापन शुल्क के जरिए 1.20 करोड़ रुपए आय का लक्ष्य रखा था। जबकि 2.06 करोड़ रुपए जुटाए। पर्यावरण शुल्क के तौर पर कोई टारगेट तय नहीं था। इसके बावजूद 10 लाख रुपए की आय हुई।





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