


पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि -मैं भी एक माँ हूँ। इस नाते मेरी आप सब विद्यार्थियों को सलाह है कि आप कभी सीखना कभी बंद न करें। क्योंकि दुनिया लगातार बदल रही है और इन परिवर्तनों के साथ बने रहने के लिए अपने ज्ञान और कौशल का लगातार विस्तार करना महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा है कि आप तो भाग्यशाली हैं।मैं उन बच्चों का भी दर्द समझ सकती हूँ जो रीट की परीक्षा में छले गए।
पूर्व सीएम राजे शनिवार को जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी के 12वें दीक्षांत समारोह में बोल रहीं थीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष केंद्रीय बजट में शिक्षा का का बजट 1.12 लाख करोड़ रुपये है,जो अब तक का सर्वाधिक और पिछले वर्ष की तुलना में 8% अधिक है।यह पीएम नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता का परिणाम है। साथ ही उन्होंने युवाओं से यह भी कहा कि उन्हें यह देखना बेहद ज़रूरी है कि हमारे टैक्स के पैसे का सरकार सदुपयोग कर रही है या नहीं। पूर्व सीएम ने कहा कि युवा अपने पैशन को पूरा करें।नई। चुनौतियों की तलाश करें।नए अनुभवों को अपनाएं।
उन्होंने कहा कि आज आप शैक्षणिक माहौल को छोड़कर भागमभाग भरी दुनिया में जा रहे हैं,इसलिए आज का दिन आपके लिए महत्त्वपूर्ण है। हमारे देश में अधिकतर जनसंख्या 45 वर्ष से कम उम्र वालों की है।इन युवाओं की बदौलत पिछले एक दशक में ही देश में कई बड़े बदलाव हुए हैं।न्यू इंडिया का सपना भी साकार होने वाला है।
पूर्व सीएम राजे ने अपनी सरकार के दोनों शासनकाल की योजनाओं के बारे में बोलते हुए कहा कि उनसे आम आदमी के जीवन में बदलाव आया है।भामाशाह टेक्नो हब,स्टेट डेटा सेंटर,अभय कमांड सेंटर, आजीविका मिशन,भामाशाह स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाओं ने लोगों को बड़ी राहत प्रदान की।इससे पूर्व उन्होंने पास आउट होने वाले सभी विद्यार्थियों को डिग्रियाँ वितरित की।
संचालक डॉ.संदीप बख्शी ने पूर्व सीएम का स्वागत किया। कार्यक्रम में भाजपा सांसद राम चरण बोहरा,भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी व पूर्व मंत्री यूनुस खान मौजूद रहे।