


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को विधानसभा में अपनी सरकार का अंतिम बजट पेश करेंगे। सरकार का यह बजट लोक-लुभावना होगा, राजस्थान के इतिहास में पहली बार किसी बजट के लिएइतना अधिक प्रचार-प्रसार देखने को मिल रही है। पहली बार ऐसा होगा जब सरकार पंचायत स्तर के अंतिम व्यक्ति तक बजट का लाइव टेलीकास्ट कराएगी। इसके लिए सीएम गहलोत ने अपने आला अफसरों को निर्देशित किया है कि वे इसका सही तरीके से प्रचार प्रसार लाइव कराएं।
प्रदेश से लेकर जिला और फिर पंचायत स्तर तक के अधिकारियों को आदेश जा चुके हैं। इसके लिए 2 स्तरों पर तैयारियां की गई है। पहली सरकारी स्तर पर है, जहां स्टेट की मशीनरी का उपयोग करते हुए सरकार यह बजट आम व्यक्ति तक पहुंचाएगी। दूसरा कांग्रेस संगठन के स्तर पर भी इस बजट को हर आम नागरिक और कार्यकर्ता तक पहुंचाया जाएगा। बजट को लेकर पहली बार कांग्रेस की कोई सरकार इतनी उत्साहित नजर आ रही है।
ऐसा पहली बार हो रहा है जब बजट के आने से पहले ही उसका इतना प्रचार किया जा रहा है। किसी भी राज्य या केंद्र का बजट दोहरे परिणाम लेकर आता है। ऐसे में पार्टियां और सरकारें बजट पेश होने के बाद आमतौर पर उसका प्रचार करती हैं। लेकिन इस बार बजट से पहले ही हर व्यक्ति को टीवी स्क्रीन के सामने ला खड़ा करने की तैयारी है। ऐसा क्यों है, इसके पीछे कई बड़ी वजहें हैं।बजट आने से पहले ही प्रदेशभर में होर्डिंग, बैनर, पोस्टर लगवा दिए गए हैं। ग्रामीण और आदिवासी इलाकों तक बैनर-पोस्टर पहुंचे हैं। दक्षिणी राजस्थान के सबसे रिमोट इलाकों में भी बजट के पोस्टर लगे हैं।
जिला स्तर पर प्रमुख कार्यालय के बाहर एलईडी लगाकर लाईव कराने को कहा गया है। कांग्रेस जिला स्तर पर सरपंच, प्रधान, वार्ड पार्षद, विधायक सहित तमाम जनप्रतिनिधियों को बुला रही है। जिला स्तर पर बड़े ऑडिटॉरियम और भवनों में लाइव स्क्रीनिंग कराई जा रही है।
विधानसभा चैनल के साथ-साथ यू-ट्यूब, ट्विटर, फेसबुक हैंडल्स पर लाइव दिखाने की तैयारी है। सरकार ने अखबारों में विज्ञापन छपवाकर सोशल मीडिया हैंडल्स और स्कैनर जारी किए हैं।
बजट के लाइव टेलीकास्ट को खासतौर से युवाओं, महिलाओं और किसानों तक पहुंचाने की तैयारी है। जिला स्तर पर यह साफ आदेश दिया गया है कि बजट की स्क्रीनिंग कराकर यूथ, महिलाएं और किसानों को विशेष तौर पर दिखाने को कहा गया है। इलाकों के जनप्रतिनिधियों और राजीविका की महिलाओं को विशेष तौर पर बजट की स्क्रीनिंग में मौजूद रहने के लिए कहा गया है।
जिला स्तर पर कलेक्ट्रेट, नगर निगम, यूआईटी, सूचना केंद्र सहित बजट का लाइव टेलीकास्ट होगा। ब्लॉक स्तर पर लाइव वॉल और किसी अच्छे ऑडिटोरियम या हॉल में स्क्रीनिंग कराई जाएगी। वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर ई-मित्र प्लस मशीनें और बड़े हॉल में स्क्रीनिंग होगी। ग्राम सचिवों और बीडीओ को लोगों को बजट स्क्रीनिंग तक लाने का टास्क दिया गया है। हर ग्राम पंचायत स्तर पर बने वॉट्सएप ग्रुप के जरिए यह कवायद कराई जा रही है।
कॉलेजों में भी बजट की लाइव स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके लिए राजस्थान के सभी प्राइवेट और सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल को आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा ने आदेश जारी किया है। इसमें ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स और टीचर्स को बजट लाइव दिखाने के लिए कहा गया है।कांग्रेस अपने स्तर पर ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को बजट दिखाएगी। इसके बाद कार्यकर्ताओं को इस बजट को आम लोगों तक पहुंचाकर इसके फायदे गिनाने का टास्क दिया जाएगा।