

रणथंभौर में 16 वर्षीय बाघिन टी-19 कृष्णा ने लकड़दा वन नाके के पास बुधवार को मौत हो गई। हालांकि वन विभाग के अधिकारी उसकी नेचुरल डेट बता रहे हैं। 28 दिन में रणथंभौर में 28 दिन में बाघ परिवार के चौथे सदस्य की मौत हुई है। पहले बाघ टी-57, फिर टी-114, शावक और अब बाघिन टी-19 कृष्णा की मौत हुई है।
वनाधिकारियों ने बाघिन के शव को कब्जे में लेकर राजबाग नाका लाए और पशु चिकित्सकों की टीम से पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कर दिया। इस मौके पर वनाधिकारी एवं जिला प्रशासन के आला अधिकारी उपस्थित रहे।
रणथंबोर केउपवन संरक्षकमानस सिंह ने बताया कि उम्रदराज बाघिन टी-19 कृष्णा की प्राकृतिक मौत हुई है। राजबाग नाका पर एनटीसीए की एसओपी के अनुसार बाघिन का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बाघिन लगभग 16 वर्ष की थी। बाघिन के रणथंभौर में तीन लिटर से 9 शावकों ने सर्वाइव किया है। बाघिन कृष्णा की बेटी टी-83 लाईटनिंग व टी-113 मुकुंदरा टाइगर हिल्स भेजा गया। जहां वे बाघों का कुनबा बढ़ा रहे हैं। वर्तमान में मुख्य रूप से बाघिन कृष्णा की संतान टी-111, टी-112 व बाघिन टी-84 ऐरोहेड रणथंभौर में हैं।