


अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि एकीकृत महासंघ पिछले 4 वर्षों से कर्मचारियों की मांगों को लेकर लगातार मांग करता रहा है। इसको लेकर कई बार ज्ञापन भी सौंपे गए। हमारी मुख्य मांगे सामंत कमेटी और खेमराज कमेटी की रिपोर्ट को उजागर किया जाए।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत अजमेर की ओर से कलेक्ट्रेट पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने संभागीय आयुक्त को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन सौंपा।
राठौड़ ने कहां कि मंत्रालय कर्मचारियों के पद एवं वेतन भत्ते सचिवालय पैटर्न के अनुसार किया जाएं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित तमाम संविदा कर्मी ठेका कर्मियों को नियमित किया जाए। राजकीय मुद्रणालय को आधुनिकरण कर नए पद सृजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि राजस्व मंडल विघटन बंद होना चाहिए। उन्होंने रोडवेज कर्मचारियों को राज्य सरकार का दर्जा दिया जाए। ओपीएस लागू किया जाए सहित 21 सूत्रीय मांग पत्र संभागीय आयुक्त को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम सौंपा ।
उन्होंने घोषणा की कि 9 फरवरी को पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालय पर कर्मचारियों की ओर से सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। राठौड़ ने कहा कि बजट आने तक इंतजार किया जाएगा और 13 फरवरी को बजट की समीक्षा कर अगर कर्मचारी के साथ न्याय नहीं किया गया तो फिर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने सरकार को बोला मौका दिया है कि बजट में कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर समाधान होगा तो हम सरकार का स्वागत करेंगे और लगा तो उसके खिलाफ आग किया जाएगा।