


विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि विधानसभा में पूछे गए प्रश्नों का जवाब प्राथमिकता से दिया जाना आवश्यक है। विधानसभा में क्वालिटी ऑफ डिबेट (गुणवत्तापरक बहस) के लिए यह जवाब जरूरी होते हैं। डॉ जोशी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि प्रश्नों के जवाब 15 दिन में भिजवाए नहीं तो विधानसभा को अपने स्तर पर कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. जोशी ने बुधवार को विधानसभा में 14 वीं और 15 वीं विधानसभा के विभिन्न सत्रों में पूछे गए प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेखों, आश्वासनों और वार्षिक प्रतिवेदनों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि समय पर कार्यों का निस्तारण किया जाना चाहिए। विभागों के वार्षिक प्रतिवेदनों को हर वर्ष दिसम्बर माह में अधिकारीगण फॉलोअप करें, ताकि यह प्रतिवेदन विधानसभा सत्र शुरू होने के सात दिवस पूर्व विधानसभा में आवश्यक रूप से प्रस्तुत हो सके। वार्षिक प्रतिवेदन विधानसभा सत्र हीरो होने के सात दिवस पूर्व विधानसभा में प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है।
अध्यक्ष डॉ. जोशी ने 14 वीं व 15 वीं विधानसभा के विभिन्न सत्रों में पूछे गये प्रश्नों की विभागवार समीक्षा की। प्रश्नों के जवाब आगामी पन्द्रह दिवस में विधानसभा में प्रस्तुत करने के उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये। डॉ. जोशी ने कहा कि अधिकारीगण प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेखों, सरकारी आश्वासनों के जवाब और वार्षिक प्रतिवेदन को समय पर भेजा जाना सुनिश्चित करें।
डॉ. जोशी ने कहा कि अधिकारीगण प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेखों, सरकारी आश्वासनों के जवाब और वार्षिक प्रतिवेदन को समय पर भेजा जाना सुनिश्चित करें।
विधानसभा प्रमुख सचिव महावीर प्रसाद शर्मा ने 14 वीं और 15 वीं विधानसभा में शेष रहे प्रश्नों के जवाब, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेखों और सरकारी आश्वासनों की विभागवार जानकारी दी। बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और शासन सचिवगण मौजूद रहे।