


पारिवारिक न्यायालय के संरक्षक एडवोकेट पूनमचंद भंडारी और अध्यक्ष डी एस शेखावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन दिया था कि गांधीनगर मोड पर पारिवारिक न्यायालय को आवंटित भूमि पर शीघ्र ही भवन निर्माण कराया जाए और उस संबंध में हाईकोर्ट की बिल्डिंग कमेटी से पारिवारिक न्यायालय के भवन निर्माण के लिए नक्शे स्वीकृत करवा कर भिजवा दिए गए हैं।
ज्ञापन में यह भी कहा गया था कि वर्तमान में पारिवारिक न्यायालय में पांच जज है और दो जजों के बैठने की व्यवस्था नहीं है इसलिए पारिवारिक न्यायालय को आवंटित भूमि पर पूर्ण में बने हुए कमरों को सुधरवाकर वहां दो न्यायालय बना दिए जाए अथवा महिला आयोग से प्रथम मंजिल पर बने हुए तीन कमरे दिलवा दिए जाएं। इस संबंध में जिला नयायाधीश श्रीमती नंदिनी व्यास ने भी पारिवारिक न्यायालय व महिला आयोग का नीरीक्षण किया था।
मंगलवार को मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिवकुलदीप रांका से आधा घंटे इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई और उन्होंने उसी समय विधि सचिव को से फोन पर वार्ता करके निर्देश दिए कि गांधीनगर मोड पर पारिवारिक न्यायालय को आवंटित जमीन और उस पर निर्मित कमरों का निरीक्षण कर उनको मरम्मत करवाकर सुसज्जित न्यायालय कक्ष बनाए जाएं तथा नवीन भवन निर्माण के लिए भी बजट की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया और कहा कि सीएम गहलोत भी चाहते हैं कि शीघ्र ही आधुनिक पारिवारिक न्यायालय भवन का निर्माण हो ताकि पक्षकारों को अच्छा वातावरण मिल सके।