Saturday, 29 August 2026

खाटू श्याम मंदिर में दर्शन के लिए नई व्यवस्था लागू, बिना अध्यक्ष के चल रही है कमेटी,मेला मजिस्ट्रेट ने लगाई धारा 144 और नए नियम


खाटू श्याम मंदिर में दर्शन के लिए नई व्यवस्था लागू, बिना अध्यक्ष के चल रही है कमेटी,मेला मजिस्ट्रेट ने लगाई धारा 144 और नए नियम

सीकर जिले के खाटूश्याम कस्बे में स्थित खाटूश्यामजी मंदिर को सोमवार से आम लोगों के दर्शन के लिए खोल दिया गया है।  सीकर जिले की प्रभारी और देवस्थान मंत्री  शकुंतला रावत ने पूजा अर्चना कर खाटू श्याम के दर्शन किए। उन्होंने खाटू श्याम मंदिर कमेटी द्वारा कराई गई व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए कि आने वाले समय में किसी प्रकार की कोई घटना ना हो इसका पूरी तरह से ध्यान रखा जाए । 



प्रभारी मंत्री श्रीमती रावत ने निर्देशित किया कि पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित करें की मेले के दौरान कोई भी भिक्षावृत्ति करते हुए न पाया जाए । उन्होंने कहा कि अन्य मंदिरो कि भांती दिव्यांगों को सुगमता से दर्शन करवाने के लिए देवस्थान विभाग उनका ऑनलाइन आवेदन लेकर उसकी लिस्ट मंदिर कमिटी को भिजवाये जिससे उनके दर्शनों के लिए अलग लाइन का प्रावधान सुनिश्चित हो। 

उन्होंने खाटूश्यामजी मंदिर कमेटी को निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में रेन-बसेरों की व्यवस्था करें तथा लाइनों में खड़े भक्तों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था वहीं की जाए। इस दौरान बीसूका जिला उपाध्यक्ष श्रीमती सुनीता गठाला, जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव, सहित जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


खाटू श्याम मंदिर ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष शंभू सिंह तो स्वर्गवासी हो गए हैं उनकी जगह अब नए अध्यक्ष की घोषणा नहीं हो पाई है। इसके बावजूद विकास कार्य किसकी अनुमति से कैसे कराए जा रहे हैं कोई जवाब देने के लिए तैयार नहीं है। खाटू श्याम मंदिर हमें दर्शन में आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए लगभग 20 करोड़ से अधिक के काम कराए गए हैं पूरा यह काम किसकी अनुमति से और कैसे हुए उसका कोई कहने वाला नहीं है लेकिन बोले भी कहो बिना अध्यक्ष के कमेटी चल रही है। 

जिला प्रशासन और देवस्थान इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। यही नहीं मंदिर कमेटी से जिला प्रशासन ने भी डरा धमका कर अपने मतलब के अनुसार पैसा खर्च कर आया है। हाईकोर्ट मैं पेश किए गए नक्शे के अनुरूप मंदिर के बाहर निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। गोपीनाथ मंदिर से खाटू श्याम के मेन मंदिर के बाहर 28 फुट लंबा और साडे 4 फुट का खड्डा खोदकर श्रद्धालुओं के निकासी का रास्ता बनाने का प्रयास किया है। लेकिन यह स्थाई नहीं है साथ ही यात्रीगणों को आगे कौन बढ़ाएगा इसके लिए श्याम भक्तों के खड़े होने की कोई जगह नहीं बनाई गई है।  खाटू श्याम दर्शन करने के लिए मेला ग्राउंड से प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं को अगर पेशाब भी आ जाए तो उसे कोई व्यवस्था नहीं की गई है। 

मेला ग्राउंड में पार्किंग का ठेका कर दिया गया है जबकि पूर्व में यह तय किया गया था कि पार्किंग का जो भी खर्चा आएगा मंदिर कमेटी देगी। लेकिन इस बार नगरपालिका उसकी वसूली करेगा इससे अव्यवस्था और झगड़े होने की संभावनाएं अधिक बनी रहेगी।  खाटू श्याम का फागुन का मेला शुरू होने वाला है ऐसे में प्रशासन ने अभी से ही कुछ प्रतिबंध लगा दिए हैं जो किमंगलवार 7 फरवरी से लागू कर दिए गए हैं।अब कांटेदार फूल और इत्र की शीशी नहीं चढ़ाई जा सकेगी। श्रद्धालु समूह में एकत्रित भी नहीं हो सकेंगे। भंडारों  और अस्थाई दुकानों पर भी कई तरह के प्रतिबंध होंगे। 

खाटूश्यामजी के फाल्गुनी लक्खी मेले को लेकर मेला मजिस्ट्रेट प्रतिभा वर्मा ने इस संबंध में मंगलवार सुबह से निषेधाज्ञा लागू कर दी है। धारा 144 के तहत पांच मार्च तक लागू निषेधाज्ञा का पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

मेला मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार श्याम बाबा के चढ़ावे में किसी भी प्रकार के कांटेदार फूल व कांच की शीशियों में ईत्र पर पूरी तरह से रोक रहेगी। लक्खी मेले में श्रृद्धालुओं के लिए पैदल मार्ग के दोनों तरफ अस्थाई दुकान या केबिन लगाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। नगर पालिका भी ऐसी कोई दुकान या केबिन आवंटित नहीं कर सकेगी।

उपखण्ड क्षेत्र की सीमा में श्रृद्धालुओं के आने-जाने के मार्ग के दोनों तरफ उपखण्ड मजिस्ट्रेट दांतारामगढ़ की बिना अनुमति के कोई भी भण्डारे, ठेले, केबिन या चिकित्सा शिविर आदि नहीं लगाए जा सकेंगे। बस तथा अन्य यात्रीवाहनों के लिए तय स्टेण्ड का ही उपयोग किया जा सकेगा। अन्य जगह वाहन खड़े करने पर कार्रवाई की जाएगी।

उपखण्ड की राजस्व सीमा में डीजे बजाने या प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध होगा। राजस्थान ध्वनि नियंत्रण अधिनियम 1963 व राजस्थान ध्वनि नियंत्रण नियम 1964 के प्रावधानों की पालना करना जरूरी होगा।खाटू में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग व प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा।

खाटूश्यामजी का मेला 22 फरवरी को शुरू होगा। 12 दिवसीय मेला 4 मार्च तक फाल्गुन शुक्ल की द्वादशी तक आयोजित होगा। मेले की निषेधाज्ञा सात मार्च शाम छह बजे तक लागू रहेगी।




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