Saturday, 29 August 2026

जी-क्लब गोलीकांड: होटल कृष्णा प्राईड होटल जांच करने पहुंची पुलिस तो फाड़ दिए बदमाशों के आधार कार्ड, संचालक को किया गिरफ्तार


जी-क्लब गोलीकांड:  होटल कृष्णा प्राईड होटल  जांच करने पहुंची पुलिस तो फाड़ दिए बदमाशों के आधार कार्ड, संचालक को किया गिरफ्तार

जी-क्लब पर फायरिंग मामले में बदमाशों के ठहरने वाले मानसरोवर के किसान धर्मकांटा के पास स्थित होटल कृष्णा प्राईड होटल की चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान होटल संचालक और मैनेजर पुलिस से झगड़ने लगे। होटल में रुकने वाले बदमाशों को बचाने के लिए पुलिस के सामने ही बदमाशों की आईडी फाड़कर डस्टबीन में फेंक दी। सर्च के दौरान होटल की दराज में 9.68 लाख रुपए और गहने मिले है। गहने-कैश के बारे में जबाव नहीं मिलने पर मानसरोवर थाना पुलिस ने जब्त कर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को सूचना दे दी है। साथ ही होटल संचालक को गिरफ्तार कर लिया है।


मानसरोवर के एसीपी हरिशंकर ने बताया कि दुर्गापुरा स्थित जी-क्लब पर फायरिंग करने आए बदमाश मानसरोवर के किसान धर्मकांटा के पास स्थित होटल कृष्णा प्राईड में ठहरे थे। बदमाशों को बिना डॉक्यूमेंट के ठहराने को लेकर होटल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 31 जनवरी दोपहर करीब 4:30 बजे मानसरोवर थाना पुलिस होटल में सर्च कर पूछताछ के लिए पहुंची थी। होटल के काउंटर पर संचालक रामचंद्र सिंह उर्फ रामसिंह निवासी कुचामन नागौर बैठा मिला। वह पिछले 3 साल से लीज पर होटल लेकर चला रहा था। होटल का मैनेजमेंट काम उसने खुद देखना बताया।

होटल के गेस्ट रजिस्टर को चैक किया गया। 27 जनवरी से लेकर 31 जनवरी के बीच होटल में ठहरे लोगों की आईडी आदि चैक कराने के लिए कहा। पुलिस को रजिस्ट्रर में 27 जनवरी की शाम 6:36 पर आरोपी प्रदीप निवासी ग्वालियर मध्य प्रदेश की रजिस्टर में ऐंट्री मिली। प्रदीप की आधार कार्ड की कॉपी मांगी तो रामसिंह ने प्रदीप के आधार कार्ड की प्रति देखकर बताने की कहा, लेकिन प्रदीप की आईडी नहीं दे पाया। पूछताछ में रामसिंह ने बताया कि प्रदीप होटल के कमरा नंबर-103 में रूका था। प्रदीप के साथ कोई और व्यक्ति के आने के बारे में पूछने पर मना कर दिया।

पुलिस ने होटल में लगेसीसीटीवी फुटेजों को चैक कराने के लिए कहा। रिसेप्शन पर काम करने वाले मैनेजर मूल सिंह निवासी मौलासर नागौर को बुलाया। चैक कराने के दौरान रामसिंह ने कुछ कागज फाड़कर डस्टबीन में फेंक दिए। शक होने पर डस्टबीन से निकालकर फाड़े गए कागजों को पुलिस ने जोड़कर देखा। इसमें दो आधार कार्ड की कॉपी मिली। एक आधार कार्ड यश चंद राजवार का था, इसका एड्रेस साफ नहीं दिख रहा था। दूसरा आधार कार्ड फायरिंग करने वाले 17 वर्षीय नाबालिग बदमाश निवासी लालगढ बीकानेर का था। डॉक्यूमेंट कॉपी को फाड़कर फेंकने के बारे में सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में बताया कि दोनों लड़के 27 जनवरी की शाम प्रदीप के साथ होटल में आए थे। जिन्होंने अपने आधार कार्ड की कॉपी दे दी थी। होटल रजिस्टर में अपने नाम-पते लिखने से मना कर दिया था। उसके आधार कार्ड की कॉपी लेकर रजिस्टर में रख ली थी। पुलिस चैकिंग के डर से दोनों आधार कार्ड की कॉपी फाड़कर डाल दी।

होटल के काउंटर की दराजों को चैक करने के लिए पुलिस टीम ने खोला। इस पर होटल संचालक राम सिंह और मैनेजर मूल सिंह विरोध कर पुलिस से झगड़ने लगे। पुलिस टीम ने दोनों को पकड़ कर काबू किया। काउंटर की दराजों को चैक किया। दूसरे नंबर की दराज में नोटों के बंडल रखे मिले। चैक करने पर 9 लाख 68 हजार रुपए और सोने की चेन-बाली और चांदी का ब्राशलेट रखे मिले। गहने-कैश के बारे में पूछने पर कभी किसी से लाना, कभी बैंक से लाने की कहकर गुमहार करते रहे। गहने-कैश के बारे में जानकारी नहीं देने पर जब्त कर लिया गया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को सूचना दे दी गई है।





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