


ग्रेटरनगर निगम के डिप्टी मेयर पुनीत कर्णावट ने शहर की पुरानी और जर्जर हो चुकी सीवर लाइनों को बदलने तथा सीवर लाइन विहीन कालोनियों में नई सीवर लाइन डालने के लिए आगामी बजट में पर्याप्त धनराशि का प्रावधान करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है तथा कहा कि राजधानी जयपुर में जनसंख्या के बढ़ते दबाव तथा जर्जर सीवर लाइनों में लीकेज से भूमिगत जल को प्रदूषित होने से रोकने के लिए पूरे शहर में नई एवं योजनाबद्ध सीवरलाइन डालने हेतु दोनों नगर निगमों को को पर्याप्त अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवाने के लिए राज्य के आगामी बजट 2023-24 में राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया जाना चाहिए।
कर्णावट ने पत्र में कहा कि शहर में लगभग 6 हजार किमी सीवर लाइन का जाल बिछा हुआ है जिसमें से आधी से ज्यादा खराब हो चुकी है। पुरानी और जर्जर सीवरलाइनों में लीकेज और ब्लॉकेज होने के कारण सड़क पर गंदा पानी जमा होने तथा रोड़ धंसने की वजह से हादसों की आशंका बनी रहती है। बारिश के दिनों में समस्या अधिक गंभीर हो जाती है जब ब्लॉकेज के कारण सीवर का गन्दा पानी घरों में सप्लाई होने वाले पीने के पानी के साथ आने लगता है इससे बीमारियों का खतरा पैदा होता है।
उल्लेखनीय है कि पुरानी एवं जर्जर हो चुकी सीवर लाइनों को चूहों द्वारा खोखला किए जाने के कारण लाइनों में जगह जगह लीकेज से शहर का भूमिगत जल भी प्रदूषित हो रहा है जिससे भविष्य में लोगों को गंभीर बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है। वर्षों पूर्व डाली गई सीवर लाइन शहर की वर्तमान जनसंख्या के लिए नाकाफी है तथा शहर के अनेक इलाके सीवर लाइन से वंचित हैं। जिससे उन इलाकों में सीवर का गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। शहर में विकराल रूप लेती सीवर की समस्या से जनता को निजात दिलवाने के लिए पुरानी व जर्जर सीवर लाइनों को तुरंत बदले जाने की जरूरत है लेकिन दोनों नगर निगमों में बजट की कमी के चलते समाधान होने के बजाय समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
पुनीत कर्णावट ने कहा कि समस्या के स्थाई समाधान के लिए भविष्य को ध्यान में रखते हुए अभियान चलाकर योजनाबद्ध तरीके से सीवर लाइनों की मरम्मत व नवीनीकरण कार्य करवाने की आवश्यकता है। गुलाबी नगरी जयपुर में विकराल रूप ले चुकी सीवर की समस्या के निदान तथा शहर के भूमिगत जल को प्रदूषित होने से बचाने के लिए आगामी बजट में पर्याप्त धनराशि का प्रावधान कर दोनों हेरिटेज और ग्रेटर नगर निगम को अतिरिक्त फंड उपलब्ध करवाया जाना चाहिए ताकि जयपुर स्वच्छ और स्वस्थ शहर बन सके।