


शुक्रवार रात चार्जिंग के दौरान जयपुर के मांग्यावास में फिजियोथेरिपिस्ट डॉ. नरेन्द्र यादव के घर इलेक्ट्रिक स्कूटी में स्पार्क हो गया। स्पार्किंग से पास खड़ी स्कूटी में आग लगने से हुए विस्फोट से घर में आग लग गई। आग लगने के दौरान पड़ोसी आरएसी कॉन्स्टेबल ने परिवार को जगा खिड़की तोड़कर बाहर निकाला। आग से परिवार के पांच जनों में से तीन झुलस गए। झुलसे तीनों जनों को सवाई मानसिंह अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती करवाया है। आग लगने की सूचना पर पहुंची मानसरोवर थाना पुलिस ने एक दमकल की मदद से आग पर काबू पाया। आग से दोनों स्कूटी और काफी सामान कबाड़ हो गया।
पुलिस ने बताया कि मांग्यावास में फिजियोथेरिपिस्ट डॉ. नरेन्द्र यादव के घर हादसा हुआ। डॉ. नरेन्द्र यादव के साथ उनकी पत्नी ज्योति, पांच साल का बेटा, उसकी भतीजी सुनीता यादव, उसका बेटा रवि रहता है। शुक्रवार रात डॉ. नरेन्द्र यादव, उसकी पत्नी डॉ. यादव ग्राउंड फ्लोर पर, फर्स्ट फ्लोर पर इनकी भतीजी सुनीता व सेकेण्ड फ्लोर पर डॉ. नरेंद्र के परिचित थे। डॉ. यादव ने रात करीब 10 बजे घर में इलेक्ट्रिक स्कूटी को चार्जिंग में लगाया था। रात करीब 11 बजे स्कूटी में स्पॉर्क होने से आग लग गई। स्कूटी में आग लगने से पास खड़ी पेट्रोल की दूसरी स्कूटी ने आग पकड़ ली।कुछ ही देर में स्कूटी की पेट्रोल टंकी में विस्फोट हो गया। जिससे पूरे घर में आग फैल गई। आग से घर का पूरा सामान जलने लगा। आग लगने के दौरान मकान में 5 जने सो रहे थे।
पड़ोसी आरएसी के कॉन्स्टेबल ने घर में आग लगी देखकर इसी दौरानपरिवार को जगाया। उसके बाद खिड़की तोड़कर परिवार को बाहर निकालने का प्रयास किया। आग की लपटों से पांच लोगों में से तीन लोग झुलस गए। घटनास्थल के पास खाली सिलेंडर रखे थे, यदि ये सिलेंडर भरे होते तो बड़ा हादसा हो जाता। आग की सूचना पर एक दमकल की मदद से काबू पाया गया। हादसे में नरेंद्र यादव, भतीजी सुनीता और उनका बेटा रवि झुलस गए। तीनों को इलाज के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है। जहां डॉ. नरेन्द्र की हालत गंभीर बताई जा रही है।