


15 वीं विधानसभा के चल रहे आठवें सत्र के तहत सदन की कार्यवाही गुरुवार को भी सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ होगी। गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण धन्यवाद प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शाम 5 बजे सरकार की ओर से जवाब देंगे। जवाब पेश करने के दौरान ही सीएम गहलोत अपने सरकार का विजन भी पेश करेंगे।
सीएम गहलोत के जवाब पेश करने के चलते सत्ता पक्ष के सभी विधायकों को सदन में उपस्थित रहने के निर्देश सरकारी मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी ने दिए गए हैं। सीएम गहलोत से पहले नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया राज्यपाल के अभिभाषण पर अपना पक्ष रखेंगे। सीएम गहलोत के जवाब के बाद सदन की कार्यवाही 10 फरवरी सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी जाएगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर 25 जनवरी से ही बहस चल रही है, सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक राज्यपाल के अभिभाषण पर अपना-अपना पक्ष रख रहे हैं।
इससे पहले गुरुवार को सुबह सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। प्रश्नकाल में आज 40 सवाल लगे हुए हैं। शिक्षा, परिवहन, सहकारिता, उच्च शिक्षा, कौशल नियोजन उद्यमिता, नगरीय विकास जैसे विभागों से कई प्रमुख सवाल लगे हुए हैं। वहीं सदन में प्रदेश में साइबर अपराधियों के विरूद्ध चालान और आरोपियों की धरपकड़ के साथ-साथ प्रदेश में मुफ्त स्मार्टफोन देने की योजना से जुड़े सवाल भी लगे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आज प्रश्नकाल में हंगामे होने की संभावनाहैं।शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव और नियम 295 के तहत विधायक अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में रखेंगे
शून्यकाल के बाद संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल वित्त विभाग की 25 अधिसूचनाएं सदन की मेज पर रखेंगे।शहरी विकास मंत्री शांति धारीवाल जयपुर विकास प्राधिकरण का वार्षिक प्रतिवेदन, शिक्षा मंत्री डॉ.बीडी कल्ला राजस्थान लोक सेवा आयोग का 72 वां वार्षिक प्रतिवेदन, चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय जयपुर का वार्षिक प्रतिवेदन, उद्योग मंत्री शकुंतला रावत राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड का वार्षिक प्रतिवेदन सदन की मेज पर रखेंगे।
परिवहन मंत्री बृजेंद्र ओला राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के लेखाओं पर भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक की पृथक संपरीक्षा रिपोर्ट सदन की मेज पर रखेंगे। श्रम मंत्री सुखराम बिश्नोई भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण मंडल राजस्थान का वार्षिक प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखेंगे। इसके पश्चात राज्यपाल के अभिभाषण धन्यवाद प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदन सदस्य अपना अपना पक्ष रखेंगे और सबसे अंत में सरकार की ओर सेसीएम गहलोत द्वारा जवाब दिया जाएगा।