


एसोसिएशन ऑफ हैल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एएचपीआई) का 10 वां ग्लोबल कॉन्क्लेव 10 और 11 फरवरी को सीतापुरा स्थित महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी में होगा। इसमें देशभर से निजी क्षेत्र के मेडिकल सेक्टर से जुड़े लोग शामिल होंगे।
यूनिवर्सिटी के चेयरमैन प्रो डॉ. एम.एल स्वर्णकार ने बताया इस कॉन्क्लेव को करवाने का मुख्य उदेश्य मेडिकल सेक्टर में इलाज की नई तकनीक और ट्रीटमेंट के रिसर्च पर अपने-अपने एक्सपीरियंस शेयर करना है। ताकि इन तकनीक और रिसर्च के जरिए कैसे हैल्थ सेक्टर को और ज्यादा एफोर्डेबल बना सके, ताकि आमजन को इसका फायदा मिल सके।
डॉ. स्वर्णकार ने इस मौके पर सरकार के राइट टू हैल्थ बिल का भी स्वागत करते हुए कहा कि इसमें अगर कुछ संशोधन करके अगर सरकार लाती है तो ये स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि इस कॉन्क्लेव में आमजन के लिए केन्द्र और राज्य सरकार की हेल्थ पॉलिसियों पर आ रही तकनीकी दिक्कतों को कैसे दूर किया जाए, इस पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दो दिन चलने वाले इस कॉन्क्लेव में देश के अलग-अलग राज्यों में 10 हजार से अधिक प्रतिनिधि शामिल हो सकते है, जो अपने-अपने राज्यों की सरकार की हैल्थ पॉलिसी पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
एएचपीआई के डायरेक्टर जनरल डॉ. गिरधर ज्ञानी ने बताया कि कॉन्क्लेव में हैल्थ केयर सेक्टर से जुड़ी नई टैक्नीक, स्टेट्स की स्कीम और ट्रीटमेंट के लिए नए रिसर्च पर एक-दूसरे से एक्सपिरियंस शेयर करते हुए उन पर विचार-विमर्श किया जाएगा।