


पेपर लीक प्रकरणों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर भाजपा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा धरना मंगलवार को आठ वें दिन भी जारी रहा। जयपुर के आगरा रोड पर चंद्र महल गार्डन के बाहर धरने पर बैठे जहां पेपर लीक प्रकरणों की सीबीआई जांच सहित विभिन्न मुद्दों को मनवाने पर ही धरना ख़त्म करने पर अड़े हुए हैं जबकि विधानसभा में सरकार द्वारा स्पष्ट कर दिया गया है कि सीबीआई जांच नहीं कराई जाएगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने घटनास्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन जताया।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने रविवार को एक बयान जारी करते हुए सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और उनके धरने को खुला समर्थन देने की घोषणा की थी। राजे की इस सार्वजनिक घोषणा के बाद भाजपा नेताओं का डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के धरना स्थल पर जैसे जमघट लगना शुरू हो गया।
राजे के समर्थन के बाद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के धरना स्थल पर पहुंचने वालों में सोमवार को विधायक वासुदेव देवनानी, पूर्व मंत्री कन्हैयालाल मीणा, जयपुर सांसद रामचरण बोहरा, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व मंत्री रोहिताश शर्मा, पूर्व विधायक कैलाश वर्मा, डॉ. सुरेश चौधरी, मोती लाल, गोपी चंद गुर्जर, प्रमिला कुंडेरा और हरियाणा ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिरद्धि चंद शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन किया।
धरने के आठवें दिन प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया भी सांसद धरने का समर्थन करने धरनास्थल पर पहुंचे। इससे पहले उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, विधायक हरीश मीणा, विधायक प्रताप सिंह सिंघवी भी धरना स्थल पर पहुंचकर सांसद डॉ किरोड़ी को समर्थन देने पहुंच चुके हैं।
राजे ने कहा कि रीट, आरएएस और कांस्टेबल सहित 16 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले की सीबीआई से जाँच की माँग को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद किरोड़ी लाल मीणा पिछले कुछ दिनों से धरने पर हैं। लेकिन आश्चर्य है कि कांग्रेस सरकार को प्रदेश के युवाओं के सपनों की ज़रा भी परवाह नहीं है।
सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा के धरने का मामला विधानसभा में भी सुनाई दिया। राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा के बीच उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि एक सांसद पिछले सप्ताह भर से धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार है कि इस बारे में कोई सुध ही नहीं ले रही है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी राठौड़ और अन्य विधायकों को नियम अनुसार इस विषय को उठाने का आग्रह किया। इस मुद्दे पर सदन में कुछ देर के लिए हंगामा भी हुआ।