


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि हमे ऐसा भारत बनाना है जो गरीब न हो। हमे एक ऐसा भारत बनाना जो आत्मनिर्भर हो। देश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। आजाद भारत का आत्मविश्वास बढ़ रहा है। देश की अर्थव्यवस्था आज पांचवें नंबर पर है। हमे ऐसा भारत बनाना है जो अटल और आत्मविश्वास से भरा हो। जिसके युवा समय से दो कदम आगे चलते हो ऐसा भारत हो।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार को सेंट्रल हॉल में अपना पहला राष्ट्रपति अभिभाषण पेश करते हुए कहा कि जनधन-आधार-मोबाइल से फर्जी लाभार्थियों को हटाया गया। इसके साथ ही वन नेशन वन राशन कार्ड तक, एक बहुत बड़ा स्थाई सुधार हमने किया है। पिछले कुछ सालों में डीबीटी के रूप में, डिजिटल इंडिया के रूप में, एक स्थाई और पारदर्शी व्यवस्था देश ने तैयार की है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अभिभाषण में कहा कि आज एक तरफ देश में अयोध्या धाम का निर्माण हो रहा है, तो दूसरी तरफ आधुनिक संसद भवन भी बन रहा है। एक तरफ हमने केदारनाथ धाम, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल महालोक का निर्माण किया, तो वहीं हर ज़िले में हमारी सरकार मेडिकल कॉलेज भी बनवा रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश में 11 करोड़ छोटे किसान हैं। ये छोटे किसान, दशकों से, सरकार की प्राथमिकता से वंचित रहे थे। अब इन्हें सशक्त और समृद्ध करने के लिए हर तरह की कोशिश की जा रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अभिभाषण ने कहा कि सरकार की योजना से आज मां और बच्चे दोनों को बचाने में सफलता मिली है। आज कहीं भी महिलाओं के लिए कोई बंदिश नहीं है। सरकार बेटियों की पढ़ाई से लेकर उनको सभी सुविधाओं देने तक, सभी विषयों पर काम कर रही है। स्कूल-कॉलेज में अब लड़कियां पढ़ाई नहीं छोड़ रही हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार ने हर दुस्साहस का कड़ा जवाब दिया है। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर आतंकवाद पर कठोर प्रहार तक, एलओसी से लेकर एलएसी तक हर मुंह तोड़ जवाब दिया। इसके अलावा धारा 370 को हटाने से लेकर तीन तलाक तक, मेरी सरकार ऐतिहासक निर्णय लिया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि केंद्र सरकार ने बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के लिए काम किया है। बीते कुछ सालों में सरकार के प्रयासों का परिणाम है कि अनेक मूल सुविधाएं आज या तो शत-प्रतिशत आबादी तक पहुंच चुकी हैं या फिर उस लक्ष्य के बहुत निकट हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को नई परिस्थितियों के अनुसार आगे भी चलाने का निर्णय लिया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू चित्तौड़ ने अभिभाषण में कहा कि जनधन-आधार-मोबाइल से फर्जी लाभार्थियों को हटाने से लेकर वन नेशन वन राशन कार्ड तक एक बहुत बड़ा स्थाई सुधार हमने किया है। पिछले कुछ सालों में डीबीटी के रूप में, डिजिटल इंडिया के रूप में एक स्थाई और पारदर्शी व्यवस्था देश ने तैयार की है। आयुष्मान भारत योजना ने देश के करोड़ों गरीबों को और गरीब होने से बचाया है। इस योजना से गरीबों के 80 हजार करोड़ रुपए खर्च होने से बचाए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास भी जुड़ गया। यही मंत्र विकसित भारत के निर्माण की प्रेरणा बन चुका है। कुछ ही महीने में सरकार के नौ वर्ष पूरे हो जाएंगे। सरकार के नौ वर्ष के कार्यकाल में लोगों ने कई सकारात्मक परिवर्तन देखे हैं। आत्मविश्वास शीर्ष पर है, दुनिया का भारत को देखने का नजरिया बदला है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषणा में कहा कि अमृतकाल के 25 वर्ष का कालखंड विकसित भारत के निर्माण का कालखंड है। ये हमारे सामने युग निर्माण का अवसर है। उन्होंने कहा कि हमें 2047 तक ऐसे राष्ट्र का निर्माण है, जो अतीत के गौरव से जुड़ा हो और आधुनिकता का भी हर अध्याय जुड़ा हो। राष्ट्रपति ने कहा कि हमें ऐसा भारत बनाना है, जो आत्मनिर्भर हो। ऐसा भारत हो जिसमें गरीबी ना हो।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में कहा कि मैं आज इस सत्र के माध्यम से, देशवासियों का आभार व्यक्त करती हूं कि उन्होंने लगातार दो बार, एक स्थिर सरकार को चुना है। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने देशहित को सदैव सर्वोपरि रखा, नीति-रणनीति में संपूर्ण परिवर्तन की इच्छाशक्ति दिखाई है।