


कांग्रेस के हाथ से हाथ जोड़ो अभियान की तैयारी के लिए जयपुर संभाग के नेताओं की प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बुलाई गई बैठक में शनिवार को आपसी कहासुनी के दौरान माहौल गरमा गया। कई नेताओं ने ढाई साल से पूरा संगठन नहीं बनने और ग्राउंड पर काम नहीं होने पर संगठन प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के सामने सवाल खड़े किए और कहा कि उनकी बात सरकार में नहीं सुनी जा रही है ऐसे में संगठन के माध्यम से सरकार को निर्देश दिए को निर्देश दिए जाने चाहिए कि कार्यकर्ताओं की बात को मंत्री सुने और उसका निराकरण किया ।
बैठक में पूर्व विधायक श्रवण कुमार और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच तनातनी हो गई। इसी दौरान श्रवण कुमार को प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने डांट कर बैठाया। बैठक में नेताओं को समस्याएं उठाने से रोका तो प्रदेश प्रभारी ने प्रदेशाध्यक्ष को गोविंद सिंह डोटासरा को टोका। प्रभारी रंधावा ने डोटासरा के हाथ से माइक लेकर यहां तक कह दिया कि सबकी सुनने आया हूं, केवल आपकी ही नहीं। बैठक में जयपुर संभाग के 35 विधायकों में से आधे भी नहीं आए। प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने श्रवण कुमार को टोकते हुए कहा कि यहां केवल हाथ से हाथ जोड़ो अभियान की बात कीजिए, आपने भी इतने समय से क्या काम किया? इस पर श्रवण कुमार ने कहा कि हम अपनी बात कहां उठाएं, जब संगठन ही सरकार की भाषा बोलने लग जाए तो हम बात कहां रखें ? काम हो नहीं रहे, लोग हमें कहते हैं, ग्राउंड संगठन के बिना अभियान कैसे चलेगा। डोटासरा ने श्रवण कुमार को डांटते हुए कहा कि केवल मीटिंग में माहौल बनाने से काम नहीं चलता, फील्ड में भी कुछ कर लिया करो। दो साल में संगठन का कोई एक काम किया हो तो बताइए, बैठकों में माहौल बनाना आता है। श्रवण कुमार ने भी पलटवार किया और कहां कि केवल आप ही पार्टी नहीं हो, कार्यकर्ताओं की भी सुना करो, हम भी पार्टी हैं। दोनों के बीच काफी देर तनातनी चली। प्रदेश प्रभारी रंधावा ने श्रवण कुमार को डांटते हुए चुप करवाया। रंधावा ने श्रवण कुमार को अकेले में मिलकर मुद्दे रखने को कहा, तब जाकर शांत हुए। नीमकाथाना से कांग्रेस विधायक सुरेश मोदी ने बैठक के दौरान बिजली नहीं आने और फील्ड की समस्याओं पर खरी-खरी सुनाई। विधायक मोदी ने कहा कि किसानों को बिजली समय पर नहीं मिलने से हमें जवाब देना भारी पड़ रहा है। हम क्या जवाब दें? जब बिजली, सड़क पानी जैसे ही काम धरातल पर नहीं होते तो सारे कामों पर पानी फिर जाता है। बिजली माहौल खराब कर रही है। बैठक के दौरान कई विधायकों और नेताओं ने जब सरकार को घेरना शुरू किया और समस्याएं बतानी शुरू की तो प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने नेताओं को टोकते हुए बैठने को कहा। जब कई बार यह हुआ तो प्रदेश प्रभारी रंधावा ने डोटासरा से माइक लेकर टोका और कहा कि मैं यहां सबकी सुनने आया हूं, केवल आपकी सुनने नहीं। नेताओं को समस्या भी बताने दीजिए। रंधावा ने कहा कि पार्टी प्लेटफार्म पर शालीनता से सब बात रखें, मैं सबकी सुनूंगा, हम ही नहीं सुनेंगे तो कौन सुनेगा? बैठक के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि कुछ लोग ने आपको पार्टी से बड़ा समझते हैं। हाथ से हाथ जोड़ो अभियान के लिए बैठक है और नेताओं की गंभीरता नहीं है। कुछ लोग अपने आपको पार्टी से बड़ा समझने लग गए हैं। ऐसे लोगों को सोचना चाहिए कि पार्टी के पीछे ही सब कुछ है। नेतागिरी करनी है तो काम करना होगा। कुछ लोग केवल माहौल बनाने के लिए बैठकों में हो हल्ला करते हैं उससे कुछ हासिल नहीं होगा। काम तो करना ही पड़ेगा। प्रदेश प्रभारी की पहली बैठक में जयपुर संभाग के आधे विधायक भी नहीं आए। जयपुर संभाग के 35 विधायकों में से 20 गायब थे। बैठक में मंत्री विधायकों के नहीं आने पर प्रभारी रंधावा और प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने नाराजगी जताई है। प्रदेश प्रभारी रंधावा और प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने पत्रकारोंसे बातचीत में कहा कि जो विधायक और नेता बिना वाजिब कारण के बैठक से नदारद रहे हैं, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। कुछ विधायक भारत जोड़ो यात्रा के समापन पर श्रीनगर जा रहे हैं, इसलिए नहीं आए, उन्होंने पहले अनुमति ले ली थी। जिन्होंने पहले सूचना नहीं देकर बिना बताए बैठक में नहीं आए उनसे जवाब तलब किया जाएगा।