


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुर्जरों से कहा कि आपका और हमारा गहरा नाता है। भगवान देवनारायण का जन्म कमल पर हुआ है और हमारी तो पैदाइश ही कमल से है। उन्होंने कहा कि यह संयोग है कि देवनारायण के जन्म का 1111वां वर्ष और भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिली है। जी-20 के लोगो में दुनिया को कमल पर बैठाया है।
पीएम मोदी ने शनिवार को देवनारायण की जन्मस्थली में पूजा अर्चना के बाद आम लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान देवनारायण का बुलावा आए तो कोई मौका नहीं छोड़ता, इसीलिए मैं हाजिर हो गया। ये कोई प्रधानमंत्री यहां नहीं आया है, मैं पूरे भक्तिभाव से आप ही की तरह एक यात्री के रूप में आशीर्वाद लेने आया हूं। उम्मीद जताई जा रही थी कि मोदी देवनारायण मंदिर का कॉरिडोर बनाने की घोषणा कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने कोई घोषणा नहीं की।
पीएम मोदी ने भारत सरकार के सांस्कृतिक विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार की योजनाओं को आम लोगों के बीच रखा। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि सरकार गरीबों को मुफ्त अनाज दे रही है।आज हर लाभार्थी को मुफ्त राशन पूरा मिल रहा है, अस्पताल में मुफ्त इलाज, घर-शौचालय, बिजली, गैस कनेक्शन की चिंता दूर कर दी है।
उन्होंने कहा कि छोटे किसानों का ध्यान रखते हुए पीएम सम्मान निधि दी गई है और राजस्थान का जिक्र करते हुए कहा कि यहां पर प्रतिवर्ष 15000 करोड रुपए किसानों के पास सीधे केंद्र सरकार द्वारा भिजवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक गुर्जरों के शहीद होने वाले लोगों को महत्व नहीं दिया गया है यह सरकार अब और भविष्य में उन्हें महत्व देकर गुर्जर युवाओं को प्रेरणा देने का काम करेगी।
उन्होंने कहा- मुझे यज्ञशाला में पूर्णाहुति में देने का भी सौभाग्य मिला। मेरे लिए यह भी सौभाग्य का विषय है कि मुझे जैसे सामान्य व्यक्ति को आज आपके बीच आकर भगवान देवनारायण का और उनके भक्तों का आशीर्वाद प्राप्त करने का पुण्य मिला है।
पीएम मोदी ने कहा कि गुर्जर समाज शौर्य-पराक्रम और देशभक्ति का पर्याय रहा है। राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा में हर वक्त प्रहरी की भूमिका निभाई है। गुर्जर समाज के युवा जो हकदार थे, उनको उनका हक नहीं मिला। युवा भगवान देवनारायण के संदेशों को और मजबूती से आगे बढ़ाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का ये समय भारत और राजस्थान के लिए बहुत अहम है। हमें एकजुट होकर विकास के लिए काम करना है। पूरी दुनिया भारत की ओर उम्मीदों से देख रही है। भारत ने जिस तरह पूरी दुनिया को सामर्थ्य दिखाया है, उसने शूरवीरों की इस धरती का भी गौरव बढ़ाया है। भारत दुनिया के हर बड़े मंच पर अपनी बात डंके की चोट पर कहता है। भारत अपनी निर्भरता दूसरों पर कम कर रहा है। ऐसी बात जो देश की एकता के लिए खिलाफ है, उससे दूर रहना है।