


मुंबई हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने छत से सीटी बजा कर एक महिला की इज्जत से खिलवाड़ करने के आरोप का सामना कर रहे तीन आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने कहा केवल इसलिए कि किसी व्यक्ति द्वारा अपने घर में कोई आवाज की गई हम सीधे तौर पर यह अनुमान नहीं लगा सकते हैं कि यह महिला के प्रति यौन इरादे से किया गया।
जस्टिस विभा कनकनवाड़ी और अभय वाधवासे की पीठ ने अहमदनगर के लक्ष्मण, योगेश और सविता पांडव द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया। इन तीनों पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए थे साथ ही नेवासा सत्र न्यायाधीश द्वारा उनकी अग्रिम जमानत को अस्वीकार कर दिया गया था। इसके बाद आरोपियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शांति भंग करने और आपराधिक धमकी के माध्यम से एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप है।