


ग्रेटर नगर निगम जयपुर की मेयर सौम्या गुर्जर का मालवीय नगर स्थित जोन कार्यालय में जन सुनवाई के दौरान कांग्रेसी पार्षदों और उनके समर्थकों ने विरोध किया। मेयर के सामने टेबल पर चढ़कर गो-बैक के नारे लगाए। 20 मिनट तक नारेबाजी होती रही और मेयर सौम्या गुर्जर बैठी रही।
मेयर सौम्या को जब मालवीय नगर जोन कार्यालय पहुंची तो वहां वार्ड 134 से कांग्रेस के पार्षद करण शर्मा अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। जहां मेयर सौम्या गुर्जर के आते ही पार्षद और उनके समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। मेयर सौम्या गुर्जर ने उनके विरोध को नजरअंदाज किया और वहां से वे सीधे जनसुनवाई के लिए जोन कार्यालय के सभागार में चली गई।
मेयर सौम्या गुर्जर के सामने जब पार्षद शर्मा और उनके समर्थक विरोध करने लगे तो वहां मौजूद अधिकारियों-कर्मचारियों और सुरक्षा में तैनात जवानों ने उन्हें रोका। सुरक्षा जवानों के रोकने पर पार्षद शर्मा और उनके समर्थक और नाराज हो गए। उन्होंने मेयर सौम्या गुर्जर के सामने टेबल-कुर्सी पर चढ़कर नारेबाजी शुरू कर दी। करीब 15-20 मिनट चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद सुरक्षाकर्मियों ने विरोध कर रहे लोगों को जनसुनवाई सभागारसे बाहर निकाला और मामला शांत करवाया।
पार्षद शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हम लंबे समय से मेयर और अधिकारियों से शहर में अवैध पशु डेयरी पर कार्रवाई करने और वार्डों में सफाई व्यवस्था ठीक करवाने की मांग कर रहे हैं। मेयर सौम्या गुर्जर हमारी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं कर रही। अधिकारी भी मेयर के इशारों पर ही काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज आवारा पशुओं के कारण शहर में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है, लेकिन उन पशुओं को पकड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
मेयर सौम्या गुर्जर ने कहा कि विरोध करना जनप्रतिनिधियों का हक है। अगर किसी पार्षद को मुझसे या सिस्टम से समस्या है तो उसे मैं दूर करने का प्रयास करूंगी। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जो पार्षद विरोध कर रहे हैं।
उनके यहां ज्यादा से ज्यादा जनसुनवाई के कार्यक्रम रखे जाए, ताकि उनकी समस्याओं को हम सुनकर उनका समाधान कर सके। उन्होंने कहा कि जो लोग आज विरोध करने आए थे, उनमें से कुछ लोगों से जब मैंने बात की और उनकी समस्याएं जाननी चाही तो उन लोगों ने किसी तरह की समस्या न होने की बात कही।