


सोमवार से शुरू हो रहे हैं 15वीं विधानसभा के आठवें सत्र के इस बार हंगामेदार रहने की संभावना हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि सीएम गहलोत सरकार का यह पांचवां और अंतिम बजट है और आठवें सत्र में ही बजट पेश होना है। लंबे अरसे के बाद विधायकों को आठवें सत्र में सवाल लगाने का मौका मिला है ऐसे में इस सत्र में 1841 सवाल लगे हैं जो अन्य सत्रों के मुकाबले बहुत ज्यादा है। अभी सवाल लगाने का क्रम जारी है और आने वाले समय में इसकी संख्या बढ़कर 2500 हो जाएगी हैं।
आठवें सत्र में गृह, ऊर्जा, राजस्व, शिक्षा, चिकित्सा, स्वायत्त शासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग, सहकारिता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, पंचायती राज, खान, उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े सवाल लगे ज्यादा लगे हैं। इस बार विपक्ष के साथ-साथ सत्तापक्ष के विधायकों ने भी सवाल लगाए हैं। सदन में सोमवार को राज्यपाल कलराज मिश्रा अभिभाषण होगा तो मंगलवारसे सदन की कार्रवाई प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। राज्यपाल अभिभाषण के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी की अध्यक्षता में विधानसभा कार्य सलाहकार समिति की बैठक होगी इस बैठक में विधानसभा की कार्यसूची पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा कि किस दिन किस मुद्दे को सदन में रखा जाए । सरकारी मुख्य सचेतक डॉ महेश जोशी विधानसभा सलाहकार समिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे और उसी के आधार पर विधानसभा की कार्रवाई चलेगी।मंगलवार को सदन में 35 सवाल लगे हैं जिनमें गृह विभाग से जुड़े हुए हैं। वहीं राज्यपाल के अभिभाषण पर भी मंगलवारसे सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य अपने-अपने विचार रखेंगे। सीएम गहलोत चर्चा का जवाब देंगे और सीधे पास धन्यवाद प्रस्ताव पारित करते हुए राज्यपाल अभिभाषण सदन में पारित किया जाएगा। इस बार बजट सत्र में दो चरणों में चलने की संभावना है। पहले चरण में जहां राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस होगी सीएम गहलोत के जवाब के बाद सदन में छुट्टी रहेगी। वहीं दूसरे चरण में सीएम गहलोत 8 फरवरी को अपनी सरकार का पांचवा अंतिम बजट पेश करेंगे। इसके बाद वित्त विनियोग पर चर्चा होगी और सीएम गहलोत अपना जवाब प्रस्तुत करेंगे । इसके बाद विभिन्न विभागों पर चर्चा होकर अनुदान मांगे पारित की जाएगी और फिर अंत में शेष बचे विभागों की अनुदान मुंह बंद का प्रयोग करते गए पारित की जाएगी। इसके बाद सीएम गहलोत बजट पर अंतिम बहस का जवाब देंगे और उसी के साथ बजट पारित हो जाएगा। बजट सत्र में एक दिन प्राइवेट मेंबर बिल भी रखे जाएंगे और विभिन्न विषयों पर चर्चा कर उस पर सरकार अपना जवाब भी प्रस्तुत कर सकती है।